Saturday, March 7, 2026
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फर्जी चिटफंड कंपनी बना कर की गई करोड़ों की ठगी में के आरोप में चेयरमैन, सीएमडी व डायरेक्टर पर होगा मुकदमा

  • तीन पीड़ितों के मामले में न्यायायल ने दिया कोतवाली नगर पुलिस को आदेश

  • कंपनी की चेयरमैन, सीएमडी व डायरेक्टर सहित कई लोगों पर आरोप

बाराबंकी। लोगों को मोटे लाभ का झांसा देकर फर्जी चिटफंड कंपनी में एफडी, आरडी सहित अन्य योजनाओं के नाम लोगों से करोड़ों रुपये का निवेश करा कर हड़प लिया गया। ठगी करने के आरोप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बाराबंकी ने तीन अलग-अलग मामलों में कोतवाली नगर को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

वादी सुशील कुमार, अमर सिंह व अनीता देवी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि रिच डायमण्ड इंडिया निधि लिमिटेड एवं रिच डायमण्ड कृषक सहकारी समिति लिमिटेड, बाराबंकी के नाम से संचालित कंपनियों में निवेश के नाम पर उन्हें धोखा दिया गया। आरोप है कि कंपनी की चेयरमैन भावना वर्मा पत्नी उपेन्द्र वर्मा निवासी नाका पैसार सिद्धार्थनगर, कोतवाली नगर, सीएमडी शैलेन्द्र वर्मा पुत्र लालचंद्र निवासी सूरतगंज, थाना मोहम्मदपुर खाला, डायरेक्टर चन्द्र मोहन पुत्र राजेन्द्र कुमार निवासी सादुल्लापुर सिहाली, फतेहपुर तथा यहीं के उपेन्द्र वर्मा सचिव सहित अन्य लोगों ने एफडी, आरडी, एमआईएस, डेली डिपॉजिट व अन्य स्कीमों में निवेश कराकर अधिक आर्थिक लाभ का झांसा दिया गया, इतना ही नहीं आर्थिक लाभ न मिलने पर परिपक्वता धनराशि से दोगुनी कीमत जमीन देने का भी वादा किया गया।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार आरोपियों ने आरबीआई से लाइसेंस होने व वैध प्लाटिंग के दस्तावेज दिखाकर विश्वास में लिया, जबकि बाद में यह सब फर्जी पाया गया। सुशील कुमार ने करीब 18 लाख रुपये, अमर सिंह ने 2 लाख रुपये और अनीता देवी ने लगभग 3.87 लाख रुपये निवेश किए थे। अक्टूबर 2024 में अखबारों के माध्यम से कंपनी के फरार होने की खबर सामने आने पर पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ।

पीड़ितों ने कोतवाली नगर एवं पुलिस अधीक्षक से मामले की शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा सिंह ने 22 जनवरी 2026 को दिए गए आदेश ललिता कुमारी बनाम राज्य सरकार के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला दिया और माना कि मामला गंभीर अपराध का है जिसकी तत्काल जांच जरुरी है।

तीनों मामलों में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोर्ट नं 18 ने कोतवाली नगर मामले में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना करने का आदेश दिया है।

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