25 दिनों से पुत्र और पुत्री के साथ मायके में रह रही थी महिला
बाराबंकी। मायके में बेटी और बेटे के साथ रही रही एक महिला दो दिनों से लापता थी, जिसका शव शनिवार की सुबह रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र में एक जंगल में पड़ा पाया गया। जिसका गले के ऊपर का हिस्सा खराब चुका है। पुलिस को इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है, हालांकि लोगों में महिला की हत्या करने की आशंका जताई जा रही है।
असंद्रा थाना क्षेत्र के ग्राम धौरहरा निवासी सतीश कुमार की 45 वर्षीय पत्नी शांति देवी अपने पुत्र और पुत्री के साथ रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुर में पिता राम केवल के साथ कई वर्षों से रह रही थी। कभी कभार ही शांति ससुराल जाती थी। पति सतीश लखनऊ में रहकर मेहनत मजदूरी करता था, सतीश अक्सर लखनऊ से पत्नी व बच्चों से मिलने के लिए अपनी ससुराल कुंवरपुर जाता रहा था। दो दिन पूर्व शांति 10 बजे सुबह घर से दवा लेने के लिए निकली थी, जिसके बाद वापस नहीं आयी। जिसका शव शनिवार की सुबह 10.30 बजे रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र के ग्राम संधवापुरवा के जंगल में कल्याणी नदी के पास संदिग्ध अवस्था में चरवाहों नें पडा देखा। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। बताया जाता है कि शव के गर्दन सहित ऊपर का हिस्सा सड़ चुका है।
मौके पर रामसनेहीघाट थाना प्रभारी अंकित त्रिपाठी ने पुलिस बल के साथ पहुंच कर जायजा लिया। पति सतीश के अनुसार उसे आज सुबह जानकारी हुई है, तीन दिन पहले हमने शांति से बात करने के लिए फोन मिलाया था लेकिन उस समय वह सो रही थी जिससे बात नहीं हो सकी थी। सतीश लखनऊ में एक अधिकारी के घर में रह कर माली का काम करते हैं। हालांकि आसपास के लोगों में महिला की हत्या करने की शंका है। रामसनेहीघाट पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाली प्रभारी अंकित त्रिपाठी ने बताया कि महिला की मौत कैसे हुई है इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा, मौके पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज करवाई गई थी।