बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों ने दिया धरना, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
टीईटी अनिवार्यता से छूट न मिलने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
बाराबंकी। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले जिले भर से आए शिक्षकों ने गुरुवार को बीएसए कार्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर टीईटी की अनिवार्यता से छूट दिए जाने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के निर्णय से देशभर के लगभग 25 लाख शिक्षक प्रभावित हैं। उनका कहना था कि जिन शिक्षकों ने नियुक्ति के समय सभी आवश्यक मानकों को पूरा किया था, उन्हें अब जबरन टीईटी परीक्षा देने के लिए बाध्य किया जा रहा है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि वर्षों की सेवा के बाद अचानक उनकी योग्यता पर संदेह क्यों किया जा रहा है।
शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार अध्यादेश लाकर आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट नहीं देती है, तो देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कहा कि फिलहाल शिक्षक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन आवश्यकता पड़ी तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। वहीं प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष पवन कुमार वर्मा ने कहा कि सभी शिक्षक संगठन एकजुट होकर टीईटी की अनिवार्यता का विरोध करेंगे।
प्रदर्शन के अंत में ज्ञापन बीएसए नवीन कुमार पाठक के माध्यम से जिला अधिकारी को सौंपा गया। धरने में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी एवं सैकड़ों की संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।