बाराबंकी। वैवाहिक रश्म के दौरान अलग-अलग कुल देवता होने के कारण वर एवं वधू पक्ष में विवाद शुरु हो गया। मामला थाने तक पहुंचा तो पुलिस ने समझाने-बुझाने की पूरी कोशिश लेकिन लड़की पक्ष के राजी न होने से वर पक्ष को बिना दुल्हन ही बैरंग लौटना पड़ा।
थाना टिकैतनगर अंतर्गत एक गांव में सोमवार को थाना जैदपुर क्षेत्र के एक गांव से बारात आई थी। सब कुछ हँसी खुशी चल रहा था। दोनों ही परिवार विवाह की रस्मो की अदायगी में लगे हुए थे। तमाम लोग विवाह में गाने पर नाचते हुए जश्न मना रहे थे। विवाह की रस्मों को पूरा करते-करते धीरे-धीरे रात हो गई। फेरे की रस्म से पहले वर पक्ष की ओर से दी जाने वाली डाल की रस्म को वर पक्ष की ओर से वधू पक्ष के सामने पेश किया गया। इस दौरान वर पक्ष की ओर से डाल के सामान में चमड़े का एक टुकड़ा रखा गया जिसे देख कर वधू पक्ष के लोग भड़क गए। लड़की पक्ष देवता अलग-अलग होने की बात को लेकर विवाह न करने की बात पर अड़ गए। साथ ही वधू पक्ष ने वर पर देवता छिपाने का आरोप लगाया। कुछ ही देर में विवाद काफी बढ़ गया और मामला पुलिस तक पहुंच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दोनों पक्षों को थाने ले आई। काफी समय बीत जाने के बाद बारात को बिना दुल्हन के वापस लौटना पड़ा। इस सम्बन्ध में थाना प्रभारी रत्नेश पाण्डेय ने बताया कि डाल पूजा के दौरान दोनों पक्ष में विवाद हो जाने के बाद वधू पक्ष ने उक्त विवाह करने से इनकार कर दिया है। जिससे विवाह नहीं हो सका। बारात वापस लौट गई।