बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के देवा थाना क्षेत्र के विशुनपुर कस्बे में एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई, कुछ देर बाद स्वास्थ्य बिगड़ने पर प्रसूता की सीएचसी देवा ले जाते समय मौत हो गई।
मृतका के पति ने झोलाछाप महिला पर गुमराह कर भर्ती करने और प्रसव के दौरान गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। हलांकि अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, देवा थाना क्षेत्र के ग्राम टीकापुर निवासी करन अपनी 27 वर्षीय पत्नी सुधा को मंगलवार दोपहर प्रसव पीड़ा होने पर विशुनपुर कस्बा स्थित न्यू जय हिंद स्कूल रोड पर एक महिला के अस्पताल में दिखाने ले गया था। परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप महिला ने जांच के बहाने सुधा को भर्ती कर लिया और जबरन प्रसव कराया, जिससे बच्चे की मौत हो गई।
पति करन का कहना है कि बच्चे की मौत के बाद आरोपी महिला ने सुधा की हालत बिगड़ने पर उसे बाहर निकाल दिया और क्लीनिक बंद कर फरार हो गई। परिवारजन गंभीर अवस्था में सुधा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देवा ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
विशुनपुर चौकी प्रभारी मिथिलेश यादव को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
चौकी प्रभारी मिथिलेश यादव ने बताया कि, “शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।