किसानों को मिलेगी वैज्ञानिक सलाह, कीटनाशक विक्रेताओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य
बाराबंकी। भारत सरकार ने किसानों की बड़ी सुविधा के लिए दो नई नेशनल पेस्ट सर्विलांस सिस्टम (NPSS) एप और इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम (IPMS) पोर्टल डिजिटल सेवाएं लॉन्च की है। इन दोनों प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए अब किसान घर बैठे ही फसलों में लगने वाले कीटों और रोगों की पहचान कर सकेंगे और समय पर वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उपचार भी प्राप्त कर सकेंगे।
ऐसे ले सकते हैं जानकारी
कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय, बाराबंकी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि किसान खेत में लगे रोग या कीट की तस्वीर अपलोड कर समस्या के अनुसार वैज्ञानिक सलाह और कीटनाशक की जानकारी ले सकते हैं। इसके साथ ही यह एप फसल उत्पादन में वृद्धि और हानि में कमी में भी मददगार साबित होगा। भारत सरकार ने IPMS वेब पोर्टल को कीटनाशकों की बिक्री और स्टॉक पर निगरानी रखने के उद्देश्य से विकसित कराया है।
डीलरों व निर्माताओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य
विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि डीलरों एवं निर्माताओं को IPMS पोर्टल पर पंजीकरण कराना होना। बिना पंजीकरण कोई भी विक्रय या भंडारण नहीं कर सकेगा। पंजीकरण कराने के बाद सेल एवं स्टॉक की नियमित इंट्री भी करना पड़ेगा। नियमों का उल्लघन करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी की जाएगी।
एप एवं पोर्टल के फायदे
किसान अब किसी भी मौसम एवं फसल के अनुसार कीटों और रोगों की जानकारी घर बैठे अपने मोबाइल से ले सकेंगे। जिसके निवारण के लिए कीटनाशक की जानकारी और उसके उपयोग की विधि वैज्ञानिक देगें। किसानों को अपने मोबाइल में एप इंस्ट्राल कर फसल और कीट की फोटो अपलोड करने पर कीटनाशक दवा व उसके उपयोग की सही जानकारी मिल जाएगी।