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मृतक व्यापारी के छोटे भाई की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
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रविवार की रात लगभग नौ बजे व्यापारी ने सीने में गोली मार कर की थी आत्महत्या
बाराबंकी। कोतवाली नगर के मोहल्ला लक्ष्मणपुरी में रविवार देर रात सनसनीखेज घटना हुई। किराए के मकान में रह रहे कपड़ा व्यापारी 50 वर्षीय नीरज जैन ने कथित रूप से लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। परिवार के पहुंचने पर शव खून से लथपथ जमीन पर पड़ा मिला, पास में ही पिस्टल पड़ी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से तीन पेज का सुसाइड नोट और मोबाइल से एक धमकी भरी रिकॉर्डिंग बरामद की है, हालांकि रिकॉर्डिंग की पुष्टि पुलिस फिलहाल नहीं कर रही है।
मृतक नीरज के छोटे भाई केडी ने बताया कि रविवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे नीरज ने धनोखर चौराहा स्थित कल्पना साड़ी सेंटर बंद कर दिया था और कहा था कि वह उलझन में है। रात में नीरज ने फोन किया तो वह दबाव में लगे। इस पर केडी और नौकर आर्यन घर पहुंचे तो नीरज मृत अवस्था में मिले।
सुसाइड नोट में नीरज ने आर्थिक तंगी, लेन-देन के विवाद और लगातार मिल रही धमकियों का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि अगर पूंजी होती तो खुद कारोबार करता, लेकिन कर्ज और उत्पीड़न से टूट चुका हूं।
सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि उमाकांत उपाध्याय (मंटू के पापा) ने सबसे ज्यादा परेशान किया। लखनऊ के रंजीत ने 5 लाख देकर दुकान का जबरन एग्रीमेंट कराया, पैसा वापस करने के बाद भी दबाव बनाया। अमरेश रस्तोगी दीपावली से पहले 40 लाख मांग रहे थे। वीर बहादुर, रंजीत शुक्ला, शुभम वर्मा ने झूठ बोलकर धोखा दिया। यह भी लिखा कि मंटू के पापा ने पत्नी पूजा से एक साड़ी और 4 चेक (40 लाख) जबरदस्ती ले लिए, जिसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
वहीं कुछ लोगों को सहारा बताते हुए नीरज ने बलराम दाऊ, भाई केडी, संजीव, केके, मोनू और नवनीत का धन्यवाद किया। दाऊ ने दुकान 95 लाख में रजिस्ट्री कराई थी, जिसमें से 36 लाख अभी मिलने बाकी हैं। नीरज ने लिखा कि दाऊ जब यह 36 लाख दे दें तो भाई केडी 5 लाख पत्नी पूजा और 5 लाख नौकर संजीव को दें। नीरज ने अपने शरीर और आंखें केजीएमयू में दान करने की इच्छा भी जताई।
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि नीरज की पत्नी पूजा उर्फ आंचल और भाई धीरज उर्फ केडी की तहरीर पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इनमें उमाकांत उपाध्याय, उसका बेटा मंटू, बलराम सिंह, अमरीश रस्तोगी, शुभम वर्मा, रंजीत शुक्ला और वीर बहादुर शामिल हैं।
पुलिस मोबाइल रिकॉर्डिंग, सुसाइड नोट और वित्तीय दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। मामला आर्थिक दबाव और मानसिक उत्पीड़न से जुड़ा होने के कारण पुलिस इसे संवेदनशील केस मानकर जांच कर रही है।




