बाराबंकी। मंगीरिश इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर संजीत श्रीवास्तव ने कंपनी की जमीन को फर्जी तरीके से हड़पने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को तहरीर दिया है।
पीड़ित ने भोगी पूर्व डायरेक्टर सहित नौ लोगों पर कूटरचना, जालसाजी, फर्जी बैनामा और धमकी देने के आरोप लगाए हैं।
पीड़ित के मुताबिक विपक्षी संख्या-1 अम्बरीश चंद्र श्रीवास्तव वर्ष 2017 में लाभांश प्राप्त कर कंपनी से अलग हो चुके थे। इसके बाद से उनका कंपनी से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष ने कथित रूप से कंपनी की कीमती भूमि पर कब्जे की नीयत से 30 जनवरी 2024 को एक फर्जी अनुबंध और 6 मई 2024 को गाटा संख्या 525 मि. ग्राम शुक्लई, नवाबगंज का फर्जी बैनामा तैयार करा लिया।
तहरीर में बताया गया कि है यह भूमि कंपनी के नाम दर्ज है और पूर्व डायरेक्टर को उसे बेचने या गिरवी रखने का कोई अधिकार नहीं था। इसके बाद भी आरोपियों ने एक और बैनामा मनीष पांडेय के पक्ष में कर दिया।
भूमि पर कब्जे का प्रयास
पीड़ित का आरोप है कि 5 नवंबर 2025 को आरोपी उसकी भूमि पर कब्जा करने पहुंच गए। विरोध करने पर विपक्षीयों ने धक्का-मुक्की की और जान से मारने की धमकी दी। तोड़फोड़ कर कब्जा जमाने की कोशिश भी की गई।
कचहरी परिसर में धमकाया
अगले दिन 6 नवंबर 2025 को जब प्रार्थी दीवानी कचहरी पहुंचा तो वहां भी विपक्षी संख्या-1 और अन्य लोग उसे रोककर कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी देने लगे। इस दौरान प्रार्थी का बैग छीनने की कोशिश भी हुई, जिसमें महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे थे। आस-पास लोगों के आ जाने पर आरोपी भाग निकले।
एसपी अर्पित विजय वर्गीय के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने नौ लोगों पर फर्जी अनुबंध व बैनामा की जांच कराने, विपक्षीजनों पर जालसाजी, धोखाधड़ी, धमकी और कब्जे के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।