बाराबंकी। नगर के मंशी रघुनंदन प्रसाद सरदार पटेल महिला महाविद्यालय की प्रबंध समिति के पदाधिकारी उमाशंकर वर्मा उर्फ मुन्नू भइया, धीरेंद्र कुमार वर्मा सहित 10 लोगों के खिलाफ कोतवाली नगर पुलिस ने गबन व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि नियम विरुद्ध तरीके से फर्जी हस्ताक्षरों के माध्यम से संस्था की लाखों रुपये की धनराशि का गबन किया गया।
यह मुकदमा सीजेएम सुधा सिंह के आदेश पर दर्ज किया गया है। महाविद्यालय की प्रबंध समिति की संरक्षक सदस्य एवं संस्थापक कृष्णा चौधरी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर मामले की शिकायत की थी।
कृष्णा चौधरी के अनुसार, महाविद्यालय की प्रबंध समिति के चुनाव बिना किसी वैध प्रक्रिया के फर्जी एवं कूटरचित अभिलेखों के आधार पर कराए गए। फर्जी दस्तावेजों के जरिए रजिस्ट्रार एवं फर्म्स एवं सोसायटी कार्यालय से अनुमोदन प्राप्त कर स्वयं को वैध पदाधिकारी दर्शाया गया।
आरोप है कि 5 अप्रैल 2020 को नियमावली के विरुद्ध फर्जी बैठक दर्शाते हुए 17 लोगों के जाली हस्ताक्षरों से कार्यवाही दिखाई गई। इसके बाद संस्था की 50 लाख रुपये की धनराशि 8 नवंबर 2021 को दयाराम एंड संस के संचालक राजेश गुप्ता के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी गई। इसके अतिरिक्त कथित पदाधिकारी उमाशंकर वर्मा द्वारा 20 लाख रुपये अपने बेटे मानव पटेल के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए, जिसका किसी भी संस्था बैठक में अनुमोदन नहीं लिया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि संस्था का एक बैंक खाता बिना किसी स्वीकृति के जिला सहकारी बैंक में खोला गया। जब शिकायत के बाद यह खाता फ्रीज किया गया, तो उसमें मौजूद करीब दो करोड़ रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। इसमें बैंक के तत्कालीन चेयरमैन धीरेंद्र कुमार वर्मा की भूमिका संदिग्ध बताई गई है।
इसके अलावा आरोप है कि उमाशंकर वर्मा व धीरेंद्र कुमार वर्मा ने महाविद्यालय के कर्मचारियों अवधेश, मान सिंह, अजय वर्मा, राकेश कुमार, विजय, सुनील, राजीव एवं अशोक के नाम 15 जुलाई 2022, 26 जुलाई 2022, 18 अगस्त 2023 एवं 20 अगस्त 2023 को सेल्फ व अन्य नामों से चेक जारी कर नकद धनराशि निकालकर हड़प ली।
कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की विधिक जांच शुरू कर दी गई है।