Friday, June 5, 2026
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हाजी वारिस अली शाह की ‘तुफतुल असफिया’ फिर होगी प्रकाशित, तीन भाषाओं में होगा अनुवाद

  • दरियाबाद के शायर खुदा बक्श ने सूफी संत के जीवनकाल में लिखी थी यह किताब

बाराबंकी। सूफी मत के आलम्बरदार हाजी वारिस अली शाह के जीवन, विचार और शिक्षाओं पर आधारित दुर्लभ ग्रंथ ‘तुफतुल असफिया’ एक बार फिर चर्चा में है। हाजी वारिस अली शाह मसोलियम ट्रस्ट ने इस ऐतिहासिक पुस्तक का उर्दू, अंग्रेजी और हिंदी में अनुवाद कराकर आम लोगों तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।

यह किताब दरियाबाद के मशहूर शायर खुदा बक्श ने हाजी वारिस अली शाह के जीवनकाल में वर्ष 1887 ई. (1306 हिजरी) में लिखी थी। उस समय ही इसका प्रकाशन हुआ था। वर्तमान में यह अमूल्य ग्रंथ पटना की प्रसिद्ध खुदाबक्श लाइब्रेरी में सुरक्षित है।

ट्रस्ट के ऑनरेरी प्रबंधक शाद महमूद वारसी ने बताया कि “सूफी संत के जीवन पर कई पुस्तकें हैं, लेकिन ‘तुफतुल असफिया’ विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसे उनके जीवनकाल में उनके मुरीद ने लिखा था। इसमें संत के बाल्यकाल, जीवनशैली और आध्यात्मिक विचारों को बेहद खूबसूरत अंदाज में पेश किया गया है।”

उन्होंने बताया कि पुस्तक का उद्देश्य नई पीढ़ी को सूफिज्म की मूल भावना और हाजी वारिस अली शाह के आदर्शों से जोड़ना है। ट्रस्ट ने इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की योजना भी तैयार की है।
शाद महमूद वारसी ने यह भी बताया कि संत के जीवन पर बिहार के हकीम अब्दुल आदी ने ‘ऐनुल यकीन’ नामक एक और किताब भी लिखी थी, जो उनके अनुभवों और स्मृतियों पर आधारित है।

शिक्षा के प्रसार के लिए खुलेगा इंटरनेशनल लेवल का कॉलेज

हाजी वारिस अली शाह मसोलियम ट्रस्ट ने सूफी संत की सरज़मीं से शिक्षा के प्रसार का नया अध्याय शुरू करने की घोषणा की है। ट्रस्ट ने सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) के साथ अनुबंध कर एक इंटरनेशनल लेवल इंटर कॉलेज स्थापित करने की योजना बनाई है।

पहले चरण में सिटी इंटरनेशनल स्कूल के नाम से कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई शुरू की जाएगी। बाद में इसे हाईस्कूल और इंटर स्तर तक विस्तार दिया जाएगा। पढ़ाई ICSE माध्यम से होगी। स्कूल का अकादमिक प्रबंधन CMS संभालेगा, जबकि अन्य संचालन ट्रस्ट करेगा।

ट्रस्ट के अनुसार, वर्ष 1917 में गठन से पहले भी संत की सरज़मीं पर उनकी मुरीद बीवी आयशा खातून ने मदरसा अरबिया वारिसिया की स्थापना की थी। वर्तमान में उसी स्थान पर वारिस पाक नॉलेज सेंटर संचालित है, जहां करीब 250 बच्चे निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

ट्रस्ट के ऑनरेरी मैनेजर शाद महमूद वारसी ने बताया कि पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और ट्रस्ट के अध्यक्ष वजाहत हबीबुल्ला से परामर्श के बाद कॉलेज की स्थापना का निर्णय लिया गया है। आने वाले दो माह में इसका संचालन शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

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