पैन का दुरुपयोग करने का आरोप, सीसी लिमिट के लिए दिया था पैन
बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारी गोविंद इंडस्ट्रीज प्रा.लि. के निदेशक नामजमद
बाराबंकी। प्लास्टिक पाइप के कारोबारी के पास जब आयकर विभाग ने 14.41 करोड़ का नोटिस भेजा तो उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। नोटिस से कारोबारी का चैन सुकून उड़ गया। यहां तक कारोबारी का बैंक खाता भी सील कर दिया गया। बैंक आफ बड़ौदा की कंपनी बाग शाखा के अधिकारी व कर्मचारी सहित कारोबारी ने गोविंद इंडस्ट्रीज प्रा. लिमिटेड के निदेशक पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया है। कारोबारी ने बैंक में सीसी लिमिट के लिए दिए गए पैन कार्ड दुरूपयोग का आरोप लगाया है। पुलिस से न्याय नहीं मिलने पर पर पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
कोतवाली नगर के मुहल्ला पीरबटावन नई बस्ती निवासी मो. जावेद अपनी फर्म एमजे ट्रेडर्स से प्लास्टिक पाइप का व्यापार करते हैं। 2012 में बैंक आफ बड़ौदा की कंपनी बाग शाखा में कैश क्रेडिट (सीसी) के लिए अपना पैन कार्ड दिया था। वित्तीय वर्ष 2016-2017 के दौरान बैंक के तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों ने उनके पैन कार्ड को लखनऊ रोड पर धरसनिया स्थित गोविंद इंडस्ट्रीज प्रा. लिमिटेड के निदेशक सुशील अग्रवाल के सीसी खाते (गोविंद इंडस्ट्रीज प्रा. लिमिटेड) से संबद्ध कर दिया गया, जिसके चलते आयकर विभाग से गोविंद इंडस्ट्रीज प्रा. लिमिटेड के खाते के आयकर, वेल्थ टैक्स और ब्याज जुर्माने के तौर पर 14 करोड़ 41 लाख 56 हजार 300 रुपये देनदारी की नोटिस आ गई। इस कारण आयकर विभाग ने पीड़ित के बैंक आफ बड़ौदा का बचत और बैंक आफ इंडिया का चालू खाता सील कर दिया। पीड़ित की सीसी लिमिट बढ़ाने के लिए वह खाता बंद कर दूसरा सीसी खाता खोला, आयकर विभाग ने उसको भी बंद करने की नोटिस दे दी।
इस विभागीय नोटिस की जानकारी होने पर पीड़ित ने बैंक को सूचना दी, लेकिन बैंक आफ बड़ौदा ने अपनी शाखा कंपनी बाग के उत्तरदाई अधिकारी व कर्मचारियों और सुशील अग्रवाल पर कोई कार्रवाई नहीं की। यही नहीं, आरोप है कि आयकर विभाग को वास्तविकता से अवगत भी नहीं कराया गया है। आखिरकार पांच नवंबर 2024 को पीड़ित ने विपक्षियों को आपराधिक नोटिस भेजी, उसका भी कोई जवाब न मिलने पर 27 फरवरी 2025 को थाना कोतवाली नगर और तीन अप्रैल 2025 को एसपी से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंत में पीड़ित ने 18 अप्रैल 2025 को न्यायालय में गुहार लगाई। कोर्ट ने पीड़ित की सुनवाई करते हुए आरोपितों के खिलाफ मुकदमा का आदेश दे दिया, जिसके तहत कोतवाली पुलिस ने 29 जून की रात गोविंद इंडस्ट्रीज के निदेशक सुशील अग्रवाल, उनकी कंपनी के कर्मचारियों सहित बैंक आफ बड़ौदा के अधिकारी व कर्मचारियों पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। नगर कोतवाल आरके राना ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी। मुकदमा की विवेचना एसएसआइ सत्य प्रकाश यादव कर रहे हैं।