Saturday, June 6, 2026
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फर्जी फर्मों से करीब एक अरब का व्यवसाय दिखा हुई करोड़ों टैक्स चोरी

  • राज्य कर उपायुक्त ने दर्ज कराया दो व्यापारियों पर मुकदमा

  • जीएसटी की एसआईबी टीम की जांच में नाम, पता ही नहीं कागजात तक निकले फर्जी

  • दिल्ली, भोपाल, बिहार, हरियाणा और मणिपुर तक फैला टैक्स चोरी का नेटवर्क

बाराबंकी। फर्जी नाम पते और दस्तावेजों के आधार पर दो व्यापारियों ने फर्म का पंजीकरण करा लिया। जिसमें फर्जी बिल बाउचर से लगभग एक अरब का व्यवसाय होना दिखा कर कई करोड़ के टैक्स का चूना सरकार को लगा दिया गया। फर्जी बिल बाउचर से दिल्ली, हरियाणा, मणिपुर तक के व्यापारियों ने भी इस धोखाधड़ी में शामिल होकर फर्जीवाड़ा किया। स्थलीय जांच करने पहुंची जीएसटी की एसआईबी टीम तो व्यापारियों का फर्जीवाड़ा सामाने आया। जीएसटी की उपायुक्त अल्पना वर्मा की तहरीर पर दोनों फर्मों के मालिकों के खिलाफ शहर कोतवाली में शनिवार को मुकदमा दर्ज किया गया है।

पहला मामला निषाद ट्रेडर्स नाम की फर्म से जुड़ा है, जो दस्तावेजों में बंकी रोड नवाबगंज पर दर्ज है। एसआईबी टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां ऐसी कोई दुकान या कारोबार नहीं मिला। न ही आसपास के लोगों को इस नाम की किसी फर्म की जानकारी थी। जीएसटी पोर्टल पर फर्म के मालिक मुकेश कुमार का पता हमीरपुर दर्ज है। टीम ने पाया कि यह फर्म 12 जनवरी 2024 से अब तक 65 करोड़ 31 लाख रुपये से ज्यादा की बिक्री दिखा चुकी है, लेकिन मौके पर कोई माल गोदाम, स्टाफ या सप्लाई का रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। बिजली बिल, पता और मोबाइल नंबर फर्जी निकले। न ही किसी इनवॉइस का ई-वे बिल डाउनलोड किया गया और न ही किसी इनवर्ड सप्लाई का सबूत मिला। फर्म ने इस झूठी बिक्री के आधार पर करीब 11.75 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट पास ऑन कर दी।
दूसरा मामला द रेड स्क्वायर इंटरप्राइजेज आवास विकास कॉलोनी से जुड़ा है। दस्तावेजों में यह फर्म सेक्टर-110 में दिखी, लेकिन मौके पर इस पते पर कोई फर्म नहीं पाई गई। फर्म के पंजीकरण के समय जो बिजली बिल लगाया गया था, वह भी जालसाजी से तैयार किया गया था। क्यूआर कोड स्कैन करने पर उपभोक्ता का नाम राम कुशल वर्मा निकला, जबकि अपलोड बिल में नाम अमित शाखा हरिकाले लिखा है। इस फर्म ने हरियाणा की रघुवंशी इंटरप्राइजेज और मणिपुर की लकी इंटरप्राइजेज को इनवॉइस जारी किए। जीएसटी रिकॉर्ड के मुताबिक इस फर्म ने 2024-25 में 18.62 करोड़ रुपये की फर्जी आउटवर्ड सप्लाई दिखाई और इसके आधार पर 3.56 करोड़ रुपये की आईटीसी पास ऑन की गई। दोनों फर्मों के खिलाफ उपायुक्त अल्पना वर्मा राज्य कर अयोध्या संभाग ने शहर कोतवाली में शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर कोतवाल आरके राणा के मुताबिक दोनों मामलों में ठोस दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाए जा रहे हैं। जल्दी ही संबंधित व्यक्तियों को तलब कर पूछताछ की जाएगी।

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