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राज्य कर उपायुक्त ने दर्ज कराया दो व्यापारियों पर मुकदमा
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जीएसटी की एसआईबी टीम की जांच में नाम, पता ही नहीं कागजात तक निकले फर्जी
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दिल्ली, भोपाल, बिहार, हरियाणा और मणिपुर तक फैला टैक्स चोरी का नेटवर्क
फर्जी फर्मों से करीब एक अरब का व्यवसाय दिखा हुई करोड़ों टैक्स चोरी
पहला मामला निषाद ट्रेडर्स नाम की फर्म से जुड़ा है, जो दस्तावेजों में बंकी रोड नवाबगंज पर दर्ज है। एसआईबी टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां ऐसी कोई दुकान या कारोबार नहीं मिला। न ही आसपास के लोगों को इस नाम की किसी फर्म की जानकारी थी। जीएसटी पोर्टल पर फर्म के मालिक मुकेश कुमार का पता हमीरपुर दर्ज है। टीम ने पाया कि यह फर्म 12 जनवरी 2024 से अब तक 65 करोड़ 31 लाख रुपये से ज्यादा की बिक्री दिखा चुकी है, लेकिन मौके पर कोई माल गोदाम, स्टाफ या सप्लाई का रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। बिजली बिल, पता और मोबाइल नंबर फर्जी निकले। न ही किसी इनवॉइस का ई-वे बिल डाउनलोड किया गया और न ही किसी इनवर्ड सप्लाई का सबूत मिला। फर्म ने इस झूठी बिक्री के आधार पर करीब 11.75 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट पास ऑन कर दी।
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