महंत बीपी दास ‘बाबा जी’ की शिकायत पर संयुक्त मजिस्ट्रेट ने दिए जांच के निर्देश
बाराबंकी। लोधेश्वर महादेवा में स्थित शिवार्चन तालाब के आसपास बसे अवैध कब्जेदार अपने घरों का गंदा पानी तालाब में बहा रहे है, जिससे तालाब का जल गंदा और दूषित हो रहा है। जिसका मुद्दा भी तहसील रामनगर में आयोजित तहसील दिवस में संयुक्त मजिस्ट्रेट के सामने उठाया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट ने तुरंत हल्का लेखपाल को तलब कर मुआयना करने का निर्देश दिया। हालांकि लेखपाल ने भी संयुक्त मजिस्ट्रेट को इस मुद्दे पर गुमराह करने की कोशिश की।
रामनगर तहसील सभागार में नवागत उपजिलाधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। इस दौरान महंत बीपी दास ने शिवार्चन तालाब में प्रदूषण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 122 शिकायती प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए। इनमें से 15 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। तहसील रामनगर क्षेत्र के सुप्रसिद्ध शिव तीर्थ महादेवा स्थित शिवार्चन तालाब के संदर्भ में महंत बी.पी. दास ने एक महत्वपूर्ण शिकायत में बताया कि स्थानीय अवैध कब्जाधारक अपने घरों की नालियों का पानी तालाब में प्रवाहित कर रहे है। जिससे तालाब का जल गंदा होकर प्रदूषित हो रहा है। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने तत्काल शिकायत का संज्ञान लिया और महादेव के लेखपाल को तलब किया। उन्होंने लेखपाल से शाम को महादेवा में मौका मुआयना करने का निर्देश दिया। हालांकि लेखपाल ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को यह कहकर गुमराह करनें पूरी कोशिश की। सूत्रों के अनुसार लेखपाल ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को बताया कि वहां पर कॉरीडोर का निर्माण होना है, जिससे यह समस्या दूर जायेगी। जबकि तालाब के पास जिस क्षेत्र की शिकायत हुई है, उस तरफ कॉरीडोर का निर्माण होना ही नही है।
एसडीएम ने समाधान दिवस में आई सभी शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत, थाना प्रभारी अनिल कुमार पांडे सहित अन्य अधिकारी, राजस्व कर्मी और पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे।