अभिलेखों में फेरबदल कर नौकरी पाने पर हो चुकी है बर्खास्त
बाराबंकी। धोखाधड़ी कर नौकरी पानी वाली बर्खास्त हुई दो शिक्षिकाओं के विरूद्ध देवा एवं दरियाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रधानाध्यपिकाओं की तहरीर पर मुकदमा दर्ज दोनों थानों की पुलिस ने शिक्षिकाओं के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
दरियाबाद के राजकीय हाईस्कूल दनापुर क्यामपुर में सहायक अध्यापिका प्रियंका की तैनाती रही है। यहां की प्रधानाध्यपिका अंजना देवी के मुताबिक शिक्षिका के शैक्षिक प्रमाण पत्र का मण्डलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ से सत्यापन कराया गया। सत्यापन आख्या से स्पष्ट है कि शिक्षिका प्रियंका ने पूर्व मध्यमा परीक्षा वर्ष 2006 के शैक्षिक अभिलेखों में फेरबदल कर अनियमित एवं फर्जी कूटरचित रूप से चयन पाया है। एफआइआर में बताया गया कि प्रियंका ने सुनवाई के दौरान अपने लिखित बयान में कोई ऐसा साक्ष्य नहीं पेश किया, जिससे उनके शैक्षिक अभिलेखों की सत्यता प्रमाणित हो। शिक्षिका ने कूटरचित एवं फर्जी अंकपत्र, प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति लेकर वेतन हासिल किया। जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश के बाद प्रधानाध्यपिका ने फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाली शिक्षिका पर मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर मनोज सोनकर ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच एसआइ अशोक कुमार को सौंपी गई है।
इसी तरह देवा थाना क्षेत्र के राजकीय हाईस्कूल मितई में तैनात अंग्रेजी विषय की सहायक अध्यापिका सलोनी अरोरा पुत्री राज कुमार आरोरा निवासी पार्श्वसिटी तिवारीगंज, कोतवाली चिनहट लखनऊ की नियुक्ति धोखाधड़ी से होना पाए जाने पर शिक्षा निदेशक ने बर्खास्त कर दिया है। सलोनी आरोरा के बारे में मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, आजमगढ़ की ओर से जारी 22 जनवरी 2025 की आख्या में पता चला कि मदर सूची मे कुल गुणांक 72.35 है जबकि काउंसलिंग के उपरांत चयन का गुणांक 75.35 दर्शाया गया है। सहायक अध्यापिका सलोनी अरोरा के खिलाफ राजकीय हाईस्कूल मित्तई देवा की प्रधानाध्यापिका दीपमाला वर्मा ने बुधवार को देवा कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है।
देवा प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि प्रधानाध्यापिका जीआईसी मित्तई की तहरीर पर आरोपी अध्यापिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अभिलेखों की जांच कर कार्यवाही की जाएगी।