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फर्जी लाभार्थियों पर शिकंजा, वाहन धारकों और सम्मान निधि लेने वालों की होगी जांच
बाराबंकी। गरीबों तक राशन का लाभ पारदर्शी ढंग से पहुंचाने को लेकर शासन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कई बड़े फैसले लिए है। जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश कुमार तिवारी के अनुसार अब राशन कार्ड धारकों के लिए पांच वर्ष में एक बार ई केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही छह माह तक राशन न लेने पर कार्ड स्वतः निरस्त हो जाएगा।
3 बच्चों के राशन कार्ड अब परिवार में ही होंगे शामिल
खास तौर पर 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए नियम में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इस आयु वर्ग के बच्चों का अलग राशन कार्ड नहीं बनाया जाएगा। वे अपने माता-पिता या अभिभावक के राशन कार्ड में ही सदस्य के रूप में दर्ज रहेंगे। बालिग होने पर ही उनका पृथक कार्ड बन सकेगा।
छह महीने राशन न लेने वालों का कार्ड होगा निरस्त
नई व्यवस्था के तहत लगातार छह माह तक राशन न लेने वालों के कार्ड स्वतः रद्द कर दिए जाएंगे। यह निर्णय उन लोगों को सिस्टम से हटाने के लिए है जो बिना जरूरत के कार्ड बनाए बेठे हैं।
सम्मान निधि लेने वालों पर भी होगी सख्ती
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पोर्टल को राशन कार्ड साइट से लिंक कर दिया गया है। अब जिन किसानों के पास 5 एकड़ से अधिक जमीन है और वे सम्मान निधि ले रहे हैं. उनके राशन कार्ड की स्वतः पहचान की जाएगी। सत्यापन के बाद उनके कार्ड पर कार्यवाही की जाएगी।
100 वर्ष पार करने वालों की होगी विशेष जांच
राशन कार्ड में 100 वर्ष से ऊपर के हजारों लोगों के नाम दर्ज हैं, जबकि निर्वाचन कार्ड के अनुसार जिले में ऐसे लोगों की संख्या 500 से भी कम है। प्रशासन ने ऐसे सभी मामलों की विशेष जांच कराने का निर्णय लिया है, जिससे मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जा सके।
12 माह से कम आयु के बच्चों की प्रविष्टियों की भी जांच
जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि जिन बच्बों की आयु 12 महीने से कम है, उनके राशन कार्ड में दर्ज नामों की भी जांच होगी। चूंकि उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषाहार मिल रहा है. इसलिए ठुप्लीकेट लाभ को रोका जाएगा। क्
चार पहिया वाहनधारियों पर भी नजर अब राशन कार्ड को एआरटीओ विभाग की वेबसाइट से लिंक किया जा रहा है। जिन लोगों के पास कार है लेकिन वे राशन भी ले रहे हैं. उन्हें सिस्टम से चिह्नित कर कार्ड रद्द किया जाएगा।
दो राज्यों में राशन कार्ड रखने वालों पर रोक
अब एक व्यक्ति दो राज्यों में राशन कार्ड नहीं बनवा सकता। ऐसे मामलों में पोर्टल पर ही रोक लगा दी गई है ओर राशन वितरण बंद कर दिया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता के साथ वास्तविक गरीबों तक राशन सुविधा पहुंचाना है। फर्जी लाभार्थियों को सिस्टम से हटाकर नए पात्र लोगों को जोड़ा जाएगा। पांच वर्ष में एक बार ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से की जाएगी।
डॉ. राकेश कुमार तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी, बाराबंकी



