सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर व्यापारी ने खुद को मारी थी गोली, सात लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा
बाराबंकी। शहर के प्रतिष्ठित कपड़ा व्यापारी नीरज जैन की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया। मृतक के भाई धीरज जैन और पत्नी आंचल उर्फ पूजा की तहरीर पर पुलिस ने सेवानिवृत्त दरोगा सहित लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
इस मामले में अभी तक पुलिस किसी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। पुलिस सुसाइड नोट, कॉल रिकॉर्डिंग और लाइसेंसी रिवॉल्वर को जांच के लिए लैब भेज रही है। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि सभी साक्ष्य वैज्ञानिक तरीके से जांचे जाएंगे, इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नामजद सात आरोपितों की तलाश में जुटी पुलिसः पुलिस के अनुसार दी गई तहरीर में सेवानिवृत्त दरेगा उमाकांत उपाध्याय, सत्येंद्र उपाध्याय उर्फ बब्लू निवासी लखपेड़ाबाग, रंजीत बलराम सिंह, अमरीश रस्तोगी, वीर बहादुर, रंजीत शुक्ला व शुभम वर्मा विजयनगर नामजद है। जिन पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। तहरीर के अनुसार, आरोपितों ने नीरज पर 10 प्रतिशत ब्याज सहित उधार दी गई रकम वापस करने का दबाव बनाया और धमकी दी कि यदि भुगतान नहीं किया गया तो दुकान पर आकर गोली मार दी जाएगी।
सुसाइड नोट और कॉल रिकॉर्डिंग भेजी गई फॉरेंसिक लैबः पुलिस को घटनास्थल से नीरज जैन का एक सुसाइड नोट प्राप्त हुआ था। पुलिस इसकी हैंड राइटिंग की वास्तविकता के परीक्षण के लिए भेज रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि नोट वास्तव में नीरज ने ही लिखा था या नहीं। साथ ही एक कॉल रिकॉर्डिंग भी सामने आई है जिसमें कथित तौर पर नीरज को धमकाया जा रहा है। इस रिकॉर्डिंग को भी वॉयस एनालिसिस के लिए भेजा जा रहा है।
आत्महत्या में प्रयुक्त रिवॉल्वर की भी जांचः नीरज जैन ने आत्महत्या के लिए अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर का उपयोग किया था। पुलिस ने उसे भी जब्त कर फॉरेंसिक लैब भेजने की तैयारी की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली सीने में लगी और शरीर के भीतर ही फंसी रह गई।
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि नीरज के बाएं सीने में, हृदय के ऊपरी हिस्से पर गोली लगी थी, जो शरीर को पार नहीं कर सकी और भीतर ही फंसी रही। गोली लगने से ही मृत्यु हुई है। साथ ही पूरे मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे। सुसाइड नोट के हस्तलेख और कॉल रिकॉर्डिंग की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।