बाराबंकी। फतेहपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला मिर्दहनपुरवा के पास मंगलवार सुबह सड़क किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में एक व्यक्ति का शव मिला। वहीं दरियाबाद में एक दिव्यांग का सड़ा हुआ शव सड़क किनारे झाड़ियों के पास पड़ा मिला। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। वहीं मिर्दहनपुरवा में मिले शव की शिनाख्त 43 वर्षीय मेराज पुत्र यासीन निवासी चांदपुर, फरीदपुर, रामपुर मथुरा, जिला सीतापुर के रूप में हुई।
मृतक के बेटे शाहिल ने बताया कि पापा सोमवार दोपहर लगभग मजदूरी के सिलसिले में बाराबंकी जाने के लिए घर से निकले थे। उन्हें चांदपुर तक ई-रिक्शा पर बैठाकर वापस आ गया था। इसके बाद उनका कोई संपर्क नहीं हो पाया। मंगलवार सुबह जब शव मिलने की सूचना मिली तो परिजन मौके पर पहुंचे और उनकी पहचान की।
शाहिल का कहना है कि उनके गांव में किसी भी प्रकार की कोई दुश्मनी नहीं थी और मेराज शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। परिवार के अनुसार, मेराज अपने भाइयों फेक्कू, मुन्ना और असलम में सबसे छोटे थे। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के कारणों की जानकारी हो सकेगी।
झाड़ियों में मिला दिव्यांग का सड़ा हुआ शव
दरियाबाद रेलवे स्टेशन के पास जेठौती राजपूतान में सड़क के नीचे झाड़ियों से मंगलवार की दोपहर में आ रही दुर्गंध से की सूचना ग्रामीणों ने दरियाबाद पुलिस को दी। कोतवाल मनोज सोनकर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। झाड़ी पास पहुंची पुलिस को व्हीलचेयर पड़ी दिखाई पड़ी, वहीं पास ही एक व्यक्ति का शव दिखा। शरीर के कुछ हिस्से पर व्हीलचेयर और पराली पड़ी थी। पुलिस ने जांच शुरू की। शव को बाहर निकाला गया। शिनाख्त का प्रयास किया गया पर कोई पहचान नहीं हो सकी।
आखिर दिव्यांग व्हीलचेयर के साथ सड़क से पांच फिट नीचे कैसे पहुंचा फिर उसकी मौत कैसे हुई यह जांच का विषय है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्रभारी निरीक्षक मनोज सोनकर ने बताया कि दिव्यांग का शव और व्हीलचेयर मिली है। शव कई दिन पुराना है। शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा लगता है कि वह मानसिक बीमार था और वहीं पुआल रखकर रहता था।