बाराबंकी। कोतवाली नगर क्षेत्र में 15 वर्ष पहले चोरी के दौरान पकड़े जाने पर एक युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-01 ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष का कठोर कारावास और ₹27,000-₹27,000 का अर्थदंड लगाया है।
कोतवाली नगर के जलालपुर निवासी पंकज कुमार मिश्रा ने तहरीर देकर बताया था कि 25 मई 2011 की रात उसके घर में तीन लोग चोरी करने के इरादे से घुस आए थे। पत्नी व बच्चों के शोर मचाने पर वादी के मौसी के लड़के ने चोरों को पकड़ने का प्रयास किया, इसी दौरान आरोपियों ने उस पर गोली चला दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
पुलिस जांच के बाद देवा थाना क्षेत्र के पटना गांव निवासी संजय रावत पुत्र रामचंद्र, सतरिख थाना क्षेत्र के मौथरी निवासी राजेश उर्फ गुईया पुत्र नौमीलाल एवं छेदानगर सतरिख निवासी अजय वर्मा पुत्र पूर्णमासी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। लंबी सुनवाई के बाद आखिरकार 15 वर्ष बाद मृतक के परिजनों को अदालत से न्याय मिला।
अदालत में आरोप सिद्ध होने पर तीनों को समान रूप से सजा सुनाई गई। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है और स्थानीय लोगों में भी निर्णय को लेकर संतोष व्यक्त किया जा रहा है।