Saturday, June 6, 2026
Google search engine
HomeBARABANKI NEWSमाता-पिता की सेवा ही है सच्चा तीर्थ स्थल-सुबोध कांत

माता-पिता की सेवा ही है सच्चा तीर्थ स्थल-सुबोध कांत

बाराबंकी। भगवान धन-दौलत के नही भूखे है, न ही तीर्थ स्थल जाने की जरूरत है। अगर घर पर माता पिता है तो उनकी सेवा से बढ़कर कुछ भी नही है। यह विचार गुरुवार को चित्रकूट से पधारे कथा व्यास सुबोध कांत ने दशहरा बाग स्थित रामलीला मैदान में श्रीमद्भागवत के सातवें दिन कहा।

कथा व्यास सुबोध कांत ने कथा मे सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि सुदामा जी के पास भगवान को अर्पण करने के लिए कुछ भी नही था बस चार मुठ्ठी चावल थे पर भगवान तो सामग्री नही भाव स्वीकार करते है। चावलों के बदले भगवान ने सुदामा जी को 2 लोकों की संपत्ति प्रदान कर दी। संतो की महिमा बताते हुए सुनाया गया कि किसी सन्त का अपमान भगवान की दृष्टि में सबसे बड़ा अपराध होता है। यदि किसे ने अपमान किया है तो उसका परिणाम भी भुगतान पड़ता है।

इस मौके पर किरन वर्मा, सन्दीप वर्मा, मुकेश वर्मा, उत्तम,राम बरन यादव, विवेक अवस्थी, पंकज वर्मा, सुरेन्द्र सिंह, विमल वर्मा, अशोक, आशीष वर्मा, कपिल, सचिन मौर्या, अंकित सहित महिलाएं, पुरुष और बच्चों ने कथा का रसपान किया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments