बाराबंकी। पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण पर रोक तथा TET की अनिवार्यता समाप्त करने सहित शिक्षकों एवं कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर अटेवा के नेतृत्व में शुक्रवार को एक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में जनपद के विभिन्न शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों एवं सैकड़ों शिक्षकों-कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
तिरंगा यात्रा का शुभारंभ GIC ऑडिटोरियम से हुआ। हाथों में तिरंगा लेकर शिक्षक-कर्मचारी पूरे उत्साह और जोश के साथ यात्रा में आगे बढ़े। यात्रा पटेल तिराहा होते हुए पुलिस लाइन पहुंची और इसके बाद गन्ना कार्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान पूरा वातावरण देशभक्ति और एकजुटता से सराबोर रहा।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2005 के बाद लगभग 15 लाख शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था से वंचित कर नई पेंशन व्यवस्था (NPS) लागू की गई। शिक्षकों एवं कर्मचारियों का कहना है कि NPS व्यवस्था उनके भविष्य की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। लंबे समय से पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली की मांग की जा रही है।
शिक्षक-कर्मचारी संगठनों ने एक स्वर में कहा कि पुरानी पेंशन बहाली केवल कर्मचारियों की मांग नहीं, बल्कि उनके सम्मान, भविष्य की सुरक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़ा विषय है। इसी मांग को मजबूती देने और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के उद्देश्य से तिरंगा यात्रा के माध्यम से एकजुटता का संदेश दिया गया।
तिरंगा यात्रा में अटेवा के जिलाध्यक्ष अमित कुमार, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र वर्मा, यूटा के जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कौशल किशोर, अमीन संघ के जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला, TSCT के जिलाध्यक्ष महेंद्र वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उमाकांत, दिनेश वर्मा, राजेश श्रीवास्तव, अभिषेक नाग, दिलीप तिवारी, सुरेन्द्र जायसवाल, आशुतोष मिश्रा, सुभाष चंद्र, रामचंद्र, देवेंद्र द्विवेदी, ऋषि टंडन, संपन्न कुमार निगम, जय बाजपेई, देवानंद विश्वकर्मा, जय सिंह, राकेश तिवारी, अरुण वर्मा, असीम वर्मा, शिल्पी वर्मा, दुर्गेश यादव, विपिन, आशीष वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा में प्रतिभाग किया।तिरंगा यात्रा ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षक एवं कर्मचारी संगठन एकजुट हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।