बाराबंकी। जमीन पर हुए अवैध अतिक्रमण से आहत एक किसान ने मंगलवार सुबह पेट्रोल पीकर आत्मदाह का प्रयास किया। घटना अज्जौवा गांव की है, जहां तीर्थ यात्रा से लौटने के बाद किसान ने अपनी जमीन पर अतिक्रमण देख बौखलाकर यह कदम उठा लिया। गनीमत रही कि समय रहते उसे अस्पताल पहुंचा दिया गया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हैदरगढ़ तहसील के कोठी थाना क्षेत्र के अज्जौवा गांव में तीन सहखातेदार शिवकुमार, जगदीश और रमेश कुमार की साझा भूमि (गाटा संख्या 418, रकबा 0.190 हेक्टेयर) है। रमेश गांव में रहकर खेती करता है, जबकि बाकी दो लोग बाहर रहते हैं। करीब डेढ़ माह पूर्व रमेश ने अपने हिस्से की जमीन का धारा 124 के तहत सीमांकन कराया था। इस पर शिवकुमार ने आरोप लगाया कि रमेश ने तय हिस्से से अधिक जमीन पर कब्जा कर लिया।
27 अगस्त को कोठी थाने पर शिकायत के बाद दोनों पक्षों में समझौता हुआ, लेकिन रमेश कुमार ने इस समझौते से असहमति जताते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर दी और पुलिसकर्मी पर भी आरोप लगाए। इसी बीच, रमेश कुमार ने अपने पड़ोसी किसान रामविनय की जमीन पर भी करीब 10-15 फीट तक अवैध अतिक्रमण कर बल्ली व जाली लगवा दी।
तीर्थ से लौटते ही टूटा सब्र: करीब 18 दिन की तीर्थ यात्रा से लौटे रामविनय ने जब मंगलवार सुबह अतिक्रमण देखा तो बाइक से पेट्रोल निकालकर पी लिया। छटपटाते हुए उन्हें गांव के प्रधान गणेश कुमार वर्मा ने तुरंत सीएचसी कोठी पहुंचाया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के बाद शाम को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
पुलिस ने शुरू की जांच, निर्माण पर रोक: कोठी इंस्पेक्टर अमित सिंह भदौरिया ने बताया कि घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को अवैध अतिक्रमण की पुष्टि मिली है। फिलहाल भूमि की पुनः पैमाइश कराई जा रही है और वाद निस्तारण तक सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है।