आवास में पहले से मौजूद था जालसाजी का आरोपित, एसएचओ अंजान
बाराबंकी : विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार एक पीड़ित ने जालसाज के खिलाफ पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस पर आरोप है कि चौकी बुलाकर उल्टा पीड़ित पर ही पुलिस ने दबाव बना कर समझौता कराने की कोशिश की। मामले की पीड़ित ने आगे शिकायत की है। हालांकि प्रभारी निरीक्षक ने इस मामले में अनभिज्ञता जताई है।
विदेश में नौकरी का झांसा देकर जालसाज ने डेढ़ लाख रुपये लेकर वर्किंग वीजा बताकर टूरिस्ट वीजा से भेज दिया। तब से पीड़ित दुबई में फंसा है। इधर पीड़ित के भाई ने पुलिस से शिकायत की तो उसे पुलिस चौकी के आवास में बुलाकर आरोपित से सुलहा करने का दबाव बनाया गया। पीड़ित ने मामले की शिकायत की है, लेकिन कोतवाल ने अनभिज्ञता जताई है।
सीतापुर के बरियारपुर निवासी संदीप पाल के भाई सुमित की सितंबर 2024 में रामनगर थाना के भैरमपुर निवासी गयासुद्दीन से मुलाकात हुई थी। गयासुद्दीन ने झांसा दिया कि वह दुबई में उसकी नौकरी लगवा देगा। जहां शापिंग माल में पैकिंग का काम मिलेगा। आरोपित ने अलग-अलग तिथियों पर डेढ़ लाख रुपये लिए और वर्किंग वीजा बताकर टूरिस्ट वीजा थमाकर चार अक्टूबर 2024 को उसे दुबई भेज दिया गया। वहां पहुंचने पर उसे टूरिस्ट वीजा की जानकारी हुई, तो पीड़ित ने गयासुद्दीन को फोन किया, जिसने वर्किंग वीजा दिलाने में कुछ दिन इंतजार करने को कहा। इसके बाद उसने फोन रिसीव करना बंद कर दिया। पीड़ित करीब 11 महीने से दुबई में फंसा है। पीड़ित के भाई संदीप पाल ने पुलिस से मामले की शिकायत की थी। इस पर रविवार को उसे महादेवा पुलिस चौकी बुलाया, जहां कुछ सिपाही उसे चौकी के पीछे स्थित पीएचसी की आवासीय कालोनी ले गए। जहां आरोपित गयासुद्दीन मौजूद था। आरोप है कि सिपाही गयासुद्दीन पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित के भाई पर ही सुलह का दबाव बनाने लगे। सुलह न करने पर उलटे उसी पर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी गई। जिसकी शिकायत पीड़ित उच्चाधिकारियों से की है। हालांकि रामनगर प्रभारी निरीक्षक अनिल पांडेय ने बताया कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है