Thursday, October 1, 2026
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महाराणा प्रताप इंटर कालेज में हुई बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर पोक्सो अधिनियम पर जागरूकता कार्यशाला

बाराबंकी। बरेठी स्थित महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में गुरुवार कोबच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों एवं लैंगिक अपराधों से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पोक्सो अधिनियम, 2012 विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें विद्यार्थियों को सहज भाषा में बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों और दैनिक जीवन में अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का नेतृत्व विधिक सहायता प्रकोष्ठ के समन्वयक दिलीप कुमार सिंह तथा विधिक सहायता प्रकोष्ठ के समन्वयक राम कृष्ण मणि त्रिपाठीने किया। जिनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को पोक्सो अधिनियम की मूल अवधारणाओं से परिचित कराते हुए बताया कि अधिनियम के अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति बालक की श्रेणी में आता है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा के अधिकार तथा किसी भी असहज अथवा अनुचित परिस्थिति में तुरंत आवाज उठाने और विश्वसनीय व्यक्ति को जानकारी देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

तुषार पांडेय ने बच्चों को अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श की पहचान, व्यक्तिगत सीमाओं, निजी अंगों की सुरक्षा तथा ‘नहीं’ कहने के अधिकार के बारे में भी समझाया। विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित परिस्थितियों में अंतर समझाया ऑनलाइन माध्यमों से होने वाले संपर्क, ऑनलाइन ग्रूमिंग तथा इंटरनेट पर बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी जागरूक किया गया। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि उनका शरीर उनका अपना है और किसी भी व्यक्ति को उनकी इच्छा के विरुद्ध अनुचित स्पर्श या व्यवहार करने का अधिकार नहीं है।

कार्यशाला में पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत अपराधों की सूचना देने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी बच्चे के साथ किसी प्रकार की असुरक्षित या अनुचित घटना होने पर सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क किया जा सकता है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 बच्चों के लिए चौबीसों घंटे संचालित सहायता व्यवस्था है और वर्तमान में मिशन वात्सल्य के अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तर की व्यवस्थाओं के साथ संचालित की जा रही है। साथ ही बच्चों के जीवन, सुरक्षा और गरिमा के अधिकार के संदर्भ में संविधान के अनुच्छेद 21 तथा बाल अधिकारों की व्यापक अवधारणा पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम में मनोज कुमार वर्मा, कौशल विकास समन्वयक तथा विनोद कुमार, बाल अधिकार कार्यक्रम प्रबंधक भी उपस्थित रहे। दोनों ने बाल अधिकारों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों को केवल कानून की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति सजग बनाना और किसी भी प्रकार की असुरक्षित स्थिति में उचित कदम उठाने के लिए सक्षम बनाना रहा।

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