बाराबंकी। बरेठी स्थित महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में गुरुवार कोबच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों एवं लैंगिक अपराधों से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पोक्सो अधिनियम, 2012 विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें विद्यार्थियों को सहज भाषा में बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों और दैनिक जीवन में अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का नेतृत्व विधिक सहायता प्रकोष्ठ के समन्वयक दिलीप कुमार सिंह तथा विधिक सहायता प्रकोष्ठ के समन्वयक राम कृष्ण मणि त्रिपाठीने किया। जिनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को पोक्सो अधिनियम की मूल अवधारणाओं से परिचित कराते हुए बताया कि अधिनियम के अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति बालक की श्रेणी में आता है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा के अधिकार तथा किसी भी असहज अथवा अनुचित परिस्थिति में तुरंत आवाज उठाने और विश्वसनीय व्यक्ति को जानकारी देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
तुषार पांडेय ने बच्चों को अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श की पहचान, व्यक्तिगत सीमाओं, निजी अंगों की सुरक्षा तथा ‘नहीं’ कहने के अधिकार के बारे में भी समझाया। विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित परिस्थितियों में अंतर समझाया ऑनलाइन माध्यमों से होने वाले संपर्क, ऑनलाइन ग्रूमिंग तथा इंटरनेट पर बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी जागरूक किया गया। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि उनका शरीर उनका अपना है और किसी भी व्यक्ति को उनकी इच्छा के विरुद्ध अनुचित स्पर्श या व्यवहार करने का अधिकार नहीं है।




