Saturday, June 6, 2026
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बाराबंकी को मिला प्रथम आाधारीय आलू बीज, डेढ़ गुना होगी उपज

  • 20 से 25 अक्टूबर के बीच शुरू होगा वितरण

  • कीमत में 720 का इजाफा, प्राथमिकता के आधार पर मिलेगा बीज

बाराबंकी। आलू की खेती के लिए किसानों को राहत देने की दिशा में शासन ने बाराबंकी समेत अयोध्या मंडल के पांच जिलों को प्रथम आधारीय आलू बीज का आवंटन किया है। इस बार बाराबंकी अयोध्या अमेठी, सुलतानपुर और अंबेडकरनगर को 100-100 किटल बीज दिया गया है। लखनऊ से इन जिलों को बीज भेजा जाएगा। हालांकि इस बार बीज की कीमत में 720 रुपये प्रति किटल की बढ़ोतरी की गई है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।

प्रथम आधारीय बीज से डेढ़ गुना अधिक उपज

उद्यान विभाग द्वारा वितरित किया जाने वाला यह बीज अन्य किस्मों की तुलना में 1.5 गुना अधिक उपज देता है। इसमें कुफरी चिप्सोना, मोहन, ललित, सिंदूरी और बहार जैसी उच्च गुणवत्ता वाली प्रजातियों शामिल हैं। उद्यान निरीक्षक एसके सिंह के अनुसार बाराबंकी को इस बार 100 किंटल बीज मिला है, जबकि पिछले वर्ष जिले को 350 किंटल बीज आवंटित किया गया था।

दस्तावेज़ जरूरी, पहले आओ पहले पाओ पर मिलेगा बीज

बीज वितरण प्रक्रिया 20 से 25 अक्टूबर के बीच शुरू हो सकती है। इसके लिए किसानों को आधार कार्ड, खतौनी और फोटो लाना अनिवार्य होगा। वितरण ष्पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।

कीमत में बढ़ोतरी, किसानों पर बढ़ेगा बोझ

इस बार बीज के दामों में भी इजाफा हुआ है। पिछले वर्ष प्रथम आधारीय आलू बीज की कीमत ₹2995 प्रति किटल थी, जबकि इस बार यह बढ़कर 3715 प्रति क्विंटल हो गई है।

अन्य श्रेणियों की कीमतें इस प्रकार हैं

  • द्वितीय आतू बीज – 3510/क्विंटल

  • ओवर साइज प्रथम आधारीय-2840/क्विंटल

  • द्वितीय ओवर साइज-2787/ क्विंटल

मंडल के जिलों को मिली विभिन्न प्रजातियों

  •  बाराबंकी- कुफरी बहार, चिप्सोना

  • अयोध्या – कुफरी सुंदरी, चिप्सोना

  • अंबेडकरनगर -कुफरी बहार, चिप्सोना

  • सुलतानपुर- मोहन, बहार, ललित

  • अमेठी- ललित, बहार, चिप्सोना

जिले में 80 प्रतिशत क्षेत्र में होती है लाल आलू की खेती

बाराबंकी जिले में लगभग 23,500 हेक्टेयर में आलू की खेती होती है, जिससे करीब 7 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता है। इनमें से 80 प्रतिशत हिस्से में लाल आलू (राजेंद्र वन) की खेती की जाती है जिसकी बाहरी मंडियों में अच्छी मांग है। हालांकि, इस बार लाल आतू (सिंदूरी प्रजाति) का बीज आवंटन नहीं हुआ है, जिससे कि में निराशा है।

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