Saturday, June 6, 2026
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पुलिस की वर्दी पहनकर लूट करने वाले गैंग का पर्दाफाश, सर्राफा कारोबारी का दोस्त और PAC जवान समेत तीन गिरफ्तार

मथुरा। पुलिस की वर्दी पहनकर सर्राफा कारोबारी से लूट करने वाले गिरोह का मथुरा पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों में एक पीड़ित कारोबारी का करीबी दोस्त और एक यूपी पीएसी का जवान शामिल है।

हाथरस जिले के थाना सादाबाद क्षेत्र के गांव गोपुरा निवासी सर्राफा कारोबारी योगेश कुमार चार जनवरी को मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से चांदी बेचकर लौट रहे थे। वह पातालकोट एक्सप्रेस से मथुरा पहुंचे और रात करीब ढाई बजे रेलवे स्टेशन के गेट नंबर तीन से बाहर निकलकर ऑटो स्टैंड की ओर जा रहे थे।

इसी दौरान नीले रंग की बलेनो कार के पास खड़े दो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया और गाली-गलौच करते हुए गांजा बेचने का आरोप लगाया। बैग की तलाशी के बहाने आरोपियों ने चांदी और नकदी से भरा बैग छीन लिया और जबरन कार में बैठाने का प्रयास किया। कार की पिछली सीट पर योगेश कुमार ने अपने गांव के परिचित रोहित और गोपाल कृष्ण को बैठा देखा।

पीड़ित का आरोप है कि उसने पहले ही रोहित को फोन पर अपने मथुरा लौटने की जानकारी दे दी थी, जिसके बाद पूरी साजिश रची गई। शोर मचाने पर आरोपी चांदी और नकदी लेकर फरार हो गए। घटना की सूचना यूपी डायल 112 पर दी गई।

कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही कोतवाल विनोद बाबू मिश्र ने पूरे जिले में नाकाबंदी कराई। पुलिस ने माल गोदाम रोड रेलवे लाइन की ओर कच्चे रास्ते से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नरेंद्र सिंह (पीएसी कांस्टेबल, निवासी गुद्दर, थाना जमुनापार), रोहित और गोपाल कृष्ण (निवासी पचावरी, हाथरस) के रूप में हुई।

आरोपियों के कब्जे से 2 किलो 452 ग्राम चांदी, 60 हजार रुपये नकद, दो तमंचे, कारतूस और बलेनो कार बरामद की गई है।

वहीं वारदात में शामिल पीएसी जवान लक्ष्मीचंद निवासी रामपुर, थाना मगोर्रा और उसका एक साथी फरार हैं। दोनों आगरा में तैनात बताए जा रहे हैं।

एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि सभी आरोपी आपस में दोस्त हैं और रोहित पहले भी व्यापारी के साथ मध्यप्रदेश जा चुका था, इसी कारण उसने लूट की योजना बनाई। दोनों पीएसी जवान 2019 बैच के हैं और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए आगरा पीएसी कमांडेंट को पत्र भेजा गया है।

एसएसपी ने कुछ ही घंटों में मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की और इसे पुलिस की त्वरित कार्रवाई का उदाहरण बताया।

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