Monday, November 2, 2026
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10 लाख की हेराफेरी के चक्कर में पांच लाख की सुपारी देकर कराई गई थी व्यापारी नीतेश मौर्य की हत्या

  • स्वाट-सर्विलांस एवं बड‌्डूपुर पुलिस ने किया घटना का अनावरण, चार हत्यारोपित गिरफ्तार

  • गिरफ्तार सभी आरोपी सीतापुर के, स्विफ्ट डिजायर कार भी हुई बरामद

बाराबंकी। बड्डूपुर थाना क्षेत्र में 29 अक्टूबर को हुए नीतेश मौर्य हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश 14 लाख रुपये के लेनदेन और धान खरीद के कारोबार में 10 लाख रुपये की कथित हेराफेरी को लेकर रची गई थी। मुख्य आरोपी ने पांच लाख रुपये की सुपारी देकर नीतेश की हत्या कराई थी। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार बरामद हुई है।

पुलिस के अनुसार, 29 अक्तूबर को नीतेश कुमार मौर्य निवासी सरैया महिपतपुर, थाना सदरपुर, सीतापुर को बड्डूपुर क्षेत्र के डफरपुर चौराहे के पास से कार सवार लोग अपने साथ ले गए थे। बाद में उसका शव सीतापुर के पिसावां थाना क्षेत्र में पन्ना ढाबे के पास मिला था। इस मामले में बड्डूपुर थाने में हत्या और अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

एसपी रवीना त्यागी ने घटना के खुलासे के लिए स्वाट, सर्विलांस और बड्डूपुर पुलिस की संयुक्त टीमें गठित की थीं। पुलिस टीमों ने मैनुअल इंटेलिजेंस, डिजिटल डेटा और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जांच करते हुए 31 अक्तूबर को भगौली पुलिया के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

कारोबारी लेनदेन को लेकर थी रंजिश

पुलिस की पूछताछ के मुताबिक, मुख्य आरोपी मनोज मौर्य ने नीतेश से आरओ प्लांट लगवाने के नाम पर 14 लाख रुपये लिए थे। इसके अलावा दोनों धान खरीद का कारोबार भी करते थे। आरोप है कि मनोज ने धान खरीद के 10 लाख रुपये भी हड़प लिए थे। नीतेश लगातार अपने रुपये वापस मांग रहा था। इसी बीच एक महिला से बातचीत को लेकर भी मनोज और अंकित गुप्ता की नीतेश से रंजिश हो गई थी।

पुलिस के मुताबिक, मनोज ने अंकित गुप्ता के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और दीपू उर्फ दिलीप कुमार वर्मा को पांच लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी। दीपू ने अमरेन्द्र व दो अन्य लोगों को इस साजिश में शामिल किया।

बहन के घर से लौटते समय बनाया निशाना

जांच में सामने आया कि 29 अक्तूबर को नीतेश लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र स्थित अपनी बहन के घर से मोटरसाइकिल से लौट रहा था। उसकी लोकेशन की जानकारी महिला ने फोन पर अंकित को दी थी। इसके बाद आरोपियों ने डफरपुर के आगे डॉ. राजेंद्र प्रसाद अस्पताल के पास उसे कार में बैठा लिया। उसकी मोटरसाइकिल और सिलेंडर सड़क किनारे छोड़ दिए गए। आरोपियों ने उसे सीतापुर के पिसावां क्षेत्र में एक ट्यूबवेल के पास ले जाकर गला काट दिया और मारपीट की। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस उसे अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

गिरफ्तार सभी आरोपी सीतापुर जिले के

गिरफ्तार आरोपियों में अंकित गुप्ता निवासी सरैया कादीपुर, दीपू उर्फ दिलीप कुमार वर्मा निवासी फरीदपुर, अमरेन्द्र वर्मा निवासी शेहारुखेड़ा और मनोज मौर्य निवासी सरैया महिपत सिंह, सभी जनपद सीतापुर के निवासी हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार, दीपू ने बताया कि उसने घटना से अर्जित धन से यह कार खरीदी थी। हत्याकांड के खुलासे में स्वाट प्रभारी अंकित त्रिपाठी, सर्विलांस प्रभारी अजय सिंह और बड्डूपुर प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सोनकर समेत तीनों टीमों के पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।

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