विकास कार्य भी हो रहा प्रभावित, लगातार मांग के बाद भी नहीं हो रही तैनाती
विकास कार्य ठप, पंचायत सचिव का टोटा, दाल में काला आम चर्चा
बाराबंकी। जनपद के विकास खंड बंकी अंतर्गत छह ग्राम पंचायतों बहादुरपुर, दरहरा, महुआ मऊ, पाराखंदौली, फतेहसराय और अकबराबाद में पिछले तीन महीनों से ग्राम पंचायत सचिव का पद रिक्त पड़ा है। 6 जनवरी 2026 को तत्कालीन सचिव मधुलिका वर्मा के निलंबन के बाद अब तक नई तैनाती न होने से प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ विकास योजनाएं भी ठप हो गई हैं।
सचिव के अभाव में पंचायतों के दैनिक कार्य प्रभावित हैं। पंचायत सहायकों, केयरटेकरों और ग्राम प्रधानों को मानदेय नहीं मिल पा रहा है। जिससे इन लोगों की रोजी रोटी का संकट बढ़ गया है। वित्तीय वर्ष 2025–26 समाप्ति की ओर है, ऐसे में ऑडिट प्रक्रिया और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
ग्रामीणों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल जैसे बुनियादी कार्यों के लिए लोगों को ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी कई बार दौड़ लगानी पड़ती है, फिर भी समाधान नहीं हो पा रहा।
उधर, ग्राम प्रधानों ने बीडीओ, डीपीआरओ, सीडीओ, जिलाधिकारी सहित जनप्रतिनिधियों से कई बार सचिव की तैनाती की मांग की, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। इससे ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सूत्रों के अनुसार यदि शीघ्र ही सचिव की नियुक्ति नहीं की गई तो ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि और ग्रामीण मिलकर ब्लॉक मुख्यालय पर ताला बंदी कर धरना-प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।
स्थिति गंभीर, समाधान की जरूरतर लगातार तीन माह से प्रशासनिक उपेक्षा झेल रही इन पंचायतों में हालात गंभीर होते जा रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक सचिव की तैनाती कर व्यवस्था को पटरी पर लाता है।