बाराबंकी। कुर्सी पुलिस की लापरवाही से एक मां, बाप, भाई और बहन को उसके बेटे, भाई के अंतिम दर्शन नहीं हो सके। एक सप्ताह से मां अपने बेटे के जाने के बाद से बदहवास पड़ी है। पुलिस की छोटी सी भूल से परिवार को उसके इकलौते कमाऊ पूत के अंतिम दर्शन भी नसीब नहीं हो सके। युवक की मौत के बाद से गांव में मातम छाया है।
पार्टी के नाम पर लखनऊ गए थे घूमनेः कुर्सी कस्बे के दखिन टोला मुहल्ला निवासी कमलेश गौतम के 19 वर्षीय पुत्र संजय कुमार 18 मई को दो दोस्तों के साथ लखनऊ घूमने गए थे। देर शाम तक संजय घर नहीं लौटा, जबकि उसके दोनों दोस्त वापस आ गए। पिता ने संजय के मोबाइल पर संपर्क किया तो वह भी बंद था। उसके दोस्त भी सही जवाब नहीं दे रहे थे। परेशान पिता 9 मई को कुर्सी थाने तहरीर लेकर पहुंचे तो वहां थानेदार नहीं मिले, तो उन्होंने वहीं बैठी एक महिला कांस्टेबल को अनहोनी की आशंका जताते हुए तहरीर दी थी।
छुट्टी पर चली गई महिला सिपाहीः पीड़ित पिता के अनुसार तहरीर देने के बाद भी कुर्सी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिस पर दो दिन बाद पीड़ित पिता फिर थाने पहुंच कर प्रभारी निरीक्षक को घटना बताई। जिस पर कमलेश की दी हुई तहरीर की तलाश कराई गई तो पता चला कि जिस महिला कांस्टेबल ने तहरीर ली थी वह दराज में रख कर छुट्टी पर चली गई। फिर 22 मई को मुकदमा दर्ज हुआ तो पुलिस ने खोजबीन शुरू की। पुलिस की खोजबीन में पता चला कि घटना के दूसरे दिन ही युवक की बाइक देवा के मित्तई चौकी अंतर्गत शारदा नहर किनारे मिली थी। लखनऊ के बीवीडी थाना सीमा के बीच में युवक का शव नहर में मिला था, जिस पर बीबीडी पुलिस ने देवा पुलिस से संपर्क किया। लेकिन शव जहां मिला वह देवा पुलिस की सीमा से दूर था। काफी इंतजार के बाद बीबीडी पुलिस शव ले गई। 72 घंटे इंतजार के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव का लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया।