असली पैकेट में किसानों से लाखों रूपए लेकर बेच दिया खरबूजे का नकली बीज
जांच में मामला सही पाए जाने पर जिला कृषि अधिकारी ने दर्ज कराया मुकदमा
बाराबंकी। किसानों से लाखों रूपए लेकर उन्हें असली पैकेट में नकली खरबूजा का बीज दे दिया गया। फसल सूखने तथा फल न आने से आर्थिक नुकसान का दंश झेल रहे किसानों ने दुकानदार की शिकायत की। जिस पर जिला कृषि अधिकारी ने मामले की जांच कराई। जांच में हसनपुर टांडा के सचिन पेस्टीसाइड के संचालक द्वारा नकली बीच देने का मामला सही पाया गया। जिस पर जिला कृषि अधिकारी ने गुरूवार को आरोपी संचालक के खिलाफ फतेहपवुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया है।
जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने बताया कि नकली बीज बेचे जाने से खरबूजा की फसलों में फल न आने की जांच पूरी हो गई है। जिस कंपनी के पैकेट में बीज थे, उस कंपनी ने बीजों को अलग से भरे जाने की बात कहीं है। जिस दुकानदार ने बेचा वह कंपनी का अधिकृत एजेंट नहीं था और वह इन बीजों की खरीद के कागजात तक नहीं दिखा सका। ऐसे में जिला कृषि अधिकारी ने गुरुवार को कोतवाली फतेहपुर में हसनपुर टांडा के सचिन पेस्टीसाइड के संचालक शिवकुमार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि उनके समक्ष पटना निवासी राम सरन, राज कुमार, सुरेश, आनन्द कुमार, सुनील कुमार, बृजेश कुमार, विमलेश कुमार ने सचिन पेस्टीसाइड भण्डार हसनपुर टाण्डा से नोन-यू सीड (इण्डिया) प्रा0लि0 कम्पनी का बॉबी प्रजाति का खरबूजा का बीज खरीदने और फिर बोने पर फल न आने से नुकसान की शिकायत की थी। जांच में पाया गया कि कम्पनी के खाली पैकेट पर अलग से कम्पनी का रैपर चिपकाया पाया गया। कम्पनी के आरएम राजेश यादव ने भी लिखित बयान में कहा कि यह कम्पनी का ओरिजिनल पैकेट नहीं है, जो कि नकली है। सम्बन्धित विक्रेता भी उनकी कम्पनी का अधिकृत विक्रेता नहीं है। ऐसे ही हसनपुर टांडा के रामप्रसाद सहित 15 किसानों ने इसी दुकान से खरबूजा बीज खरीदने के बोने से फल न आने की शिकायत की थी। इस दौरान यह भी पाया गया कि जिन लोगों ने संबंधित कंपनी से बीज विशुनपुर की दुकान से लिए। उनके बीज व फसल में अंतर मिला।