बाराबंकी। जिला अस्पताल व महिला अस्पताल को सप्लाई देने वाले स्पेशल विद्युत फीडर में मंगलवार को अचानक आई तकनीकी खराबी ने अस्पतालों में हड़कंप मचा दिया। ट्रांसफार्मर के पास फॉल्ट ठीक करते समय बिजली विभाग के कर्मचारियों से गलती से गलत फेज जुड़ गया, जिसके बाद महिला अस्पताल की लाइन में अचानक हाई वोल्टेज करंट दौड़ पड़ा। देखते ही देखते अस्पताल के कई कंट्रोल पैनल आग पकड़ते हुए जल उठे और पूरे परिसर में धुआं फैल गया।
कंट्रोल पैनल में लगी आग, मशीनें व एसी फुंके: हाई वोल्टेज के झटके से करीब आधा दर्जन एसी, आठ सीपीयू, पैथोलॉजी की कीमती मशीनें, अल्ट्रासाउंड मशीन, कई फ्यूज एवं कंट्रोल पैनल आदि तेज आवाज के साथ जलकर फुंक गए। आग लगने से लाखों रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। ओटी, ओपीडी और कई महत्वपूर्ण सेक्शन अंधेरे में डूब गए, जिससे अस्पताल के सभी काम करीब दो घंटे ठप रहे।
मरीजों में अफरातफरी, धुआं देख भागने लगे लोग: कंट्रोल पैनलों से धुआं उठता देख मरीज और उनके तीमारदार घबरा गए और भागने लगे। कुछ ही देर में ओपीडी का अधिकांश हिस्सा खाली हो गया। अस्पताल प्रशासन और सीएमएस डॉ. प्रदीप कुमार ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया और बताया कि किसी प्रकार का खतरा नहीं है।
पूरे दिन रही अव्यवस्था: बिजली व्यवस्था ठप होने पर अस्पताल प्रशासन ने तत्काल जनरेटर चालू कराया गया। कंप्यूटर फुंक जाने के कारण हाथ से पर्चे बनाए गए, ओटी व पैथोलॉजी बंद रहे, कई कई मरीजों को दवा देकर वापस किया गया। खिड़कियां खोलकर मरीजों को अंदर ही बैठाया गया। इंजीनियरों को बुलाकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है। मशीनें दुरुस्त होने के बाद ही जांचें शुरू हो सकेंगी।
ट्रांसफार्मर के पास फॉल्ट दूर करते समय बिजली विभाग के कर्मचारियों से गलत लाइन जुड़ने के कारण हाई वोल्टेज आ गया। कई एसी, सीपीयू और मशीनें जल गईं। इंजीनियर बुलाए गए हैं, नुकसान का सही आंकलन उनके बाद ही हो सकेगा। जनरेटर चलाकर ओपीडी व इमरजेंसी का कार्य निपटाया गया। किसी प्रकार की भगदड़ या जनहानि नहीं हुई।”
प्रदीप कुमार, सीएमएस जिला महिला अस्पताल



