बाराबंकी। अपर जिला जज परशुराम ने मंगलवार को नौ साल पुराने हत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए पत्नी और ससुर समेत सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मामला रामनगर थाना क्षेत्र में युवक की ससुराल में हत्या कर शव को जमीन में छिपाने से जुड़ा है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मथुरा प्रसाद वर्मा ने बताया कि बहराइच जिले के हरदी थाना क्षेत्र के धुरई का पुरवा निवासी शंकर ने अपने 24 वर्षीय बेटे राजितराम उर्फ निर्मल की शादी 26 जून 2015 को रामनगर थाना क्षेत्र के भुंडपुरवा अमराईगांव निवासी ओमप्रकाश साहनी की बेटी सुमन से की थी। शादी के बाद दोनों गाजियाबाद में रहकर एक दवा फैक्ट्री में काम करते थे।
23 मई 2017 को पति-पत्नी में विवाद के बाद सुमन के पिता ओमप्रकाश उसे गाजियाबाद से अपने घर ले आए। ड्यूटी से लौटने पर राजितराम को पत्नी के चले जाने की जानकारी हुई तो वह उसी समय ट्रेन से ससुराल पहुंच गया। अगले दिन उसने पिता को फोन कर बताया कि सुमन, ससुर ओमप्रकाश समेत कई लोग वहां मौजूद हैं और उसकी हत्या कर सकते हैं। इसके कुछ देर बाद फोन कट गया।
बेटे की तलाश में शंकर ससुराल पहुंचा, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। पुलिस ने जांच शुरू कर ओमप्रकाश को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद सुमन, ओमप्रकाश, घनश्याम, सुनील, रमेश, सुरेश और जयचंद्र के खिलाफ हत्या व शव छिपाने का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने नौ जून को ओमप्रकाश के खेत से राजितराम का शव बरामद किया। मौके से हत्या में प्रयुक्त नायलान की रस्सी भी मिली थी।
अदालत में अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सातों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।