बाराबंकी। कोठी थाना क्षेत्र के अमसेरूवा गांव के समीप दो दिनों में 14 बंदरों के शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पशु चिकित्सकों ने सभी शवों का पोस्टमार्टम कर सैंपल लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं। प्रारंभिक जांच में जहर दिए जाने की आशंका जताई जा रही है।
शुक्रवार को मिले आठ, शनिवार को छह और शव: शुक्रवार की शाम अमसेरूवा गांव के पास डीहा संपर्क मार्ग किनारे आठ बंदरों के शव पड़े मिले। सूचना पर हरख रेंज के क्षेत्रीय वन दरोगा सचिन कुमार पटेल मौके पर पहुंचे और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई। वहीं, शनिवार सुबह इसी मार्ग पर छह और शव मिलने से कुल मृत बंदरों की संख्या 14 हो गई।
लोगों ने जताई साजिश की आशंका: मौके पर पहुंचे एसएसआई शिव सागर तिवारी, किसान नेता मदन रावत, पिंटू वर्मा, और प्रधान प्रतिनिधि रंजीत मिश्रा ने स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों के मुंह में गेहूं के दाने मिले हैं, जिससे संदेह है कि उन्हें किसी जहरीले पदार्थ के साथ भोजन कराया गया था। लोगों ने यह भी कहा कि इतनी संख्या में बंदर गांव में नहीं रहते, इसलिए आशंका है कि उन्हें कहीं और मारकर यहां फेंका गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहरीले अंशों की पुष्टि: पशु चिकित्सालय सिद्धौर में डॉक्टर मो शमीम के नेतृत्व में टीम ने सभी शवों का पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के अनुसार, 8 नर और 6 मादा बंदर थे। सभी के जबड़ों में गेहूं, चना और मटर के चबाने के अवशेष मिले हैं। डॉक्टरों ने प्रथम दृष्टया जहर से मौत की संभावना जताई है और सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज, जांच जारी: हरख रेंजर मोहित श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि क्षेत्रीय वन दरोगा की तहरीर पर कोठी थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम मामले की तह तक जाने के लिए जांच कर रही है। सभी मृत बंदरों का डिस्पोजल नियमों के तहत कर दिया गया है।