लखनऊ। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर फर्जी मुद्रा लोन और ऑटो लोन निकालने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के जानकीपुरम ब्रांच के मैनेजर गौरव सिंह समेत चार सदस्य शामिल हैं, जिन्हें लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि ये बैंक कर्मचारियों की आईडी का अनधिकृत उपयोग कर करोड़ों रुपये के लोन धोखाधड़ी के जरिए हड़पते थे।
एसटीएफ की साइबर टीम ने न्यू हजरतगंज अपार्टमेंट, ओमेक्स सिटी स्थित कार्यालय से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामदगी में पांच मोबाइल फोन, एक डेस्कटॉप, फर्जी आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, 268 लोन संबंधित कूटरचित दस्तावेज और चार लग्जरी वाहन शामिल हैं।
गिरफ्तार मास्टरमाइंड गौरव सिंह ने 2021 में बैंक में ब्रांच हेड के रूप में तैनाती के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज बनाकर लोन जारी करने का खेल खेला। आरोपी नावेद हसन, अखिलेश तिवारी और इन्द्रजीत सिंह भी इस मामले में सक्रिय रहे।
जांच में पता चला कि गिरोह ने करीब 20 फर्जी फर्मों के नाम पर लोन के लिए दस्तावेज तैयार कर बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा करवाए। लोन के पैसे असली ग्राहकों को नहीं मिले, बल्कि फर्जी खातों में ट्रांसफर कर नकद निकाल लिए गए।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह के नेतृत्व में चल रही जांच में आरोपियों से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का फॉरेंसिक परीक्षण किया जाएगा। मामले में साइबर क्राइम समेत कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।