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चिकित्सकों ने सिर की नस फटने और ब्रेन हेमरेज से वजह बता घोषित किया था महिला को मृतक
उज्जैन। अक्सर कहा जाता है कि जाको राखे साइयां, मार सके न कोय, और उज्जैन जिले के खाचरोद में हुई यह घटना इस कहावत को सच साबित करती है। यहां 75 वर्षीय अयोध्या बाई को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था, लेकिन अंतिम संस्कार से ठीक पहले एक स्पीड ब्रेकर ने उनकी जिंदगी बदल दी।
परिजनों के मुताबिक अयोध्या बाई की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उनके सिर की नस फटने और ब्रेन हेमरेज की स्थिति बताई। इंदौर के अस्पताल में उनका ऑपरेशन भी हुआ, लेकिन हालत में सुधार न होने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिवारजन उनका शव गांव लेकर लौट रहे थे।




