बाराबंकी। नहर विभाग की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ गई। सीतापुर जनपद के सरौरा जक्शन से निकली बिसाई नहर की टेल तक समय से सफाई न होने के कारण पानी आते ही नहर उफना गई, जिससे निंदूरा क्षेत्र के करीब एक दर्जन किसानों की लगभग 40 बीघा फसल जलमग्न हो गई। प्रभावित किसानों में भारी आक्रोश है और उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
निंदूरा विकास खंड क्षेत्र के किसानों का आरोप है कि बीते एक महीने से नहर विभाग रजबहा और माइनरों की सफाई करा रहा था, लेकिन कई स्थानों पर केवल दिखावटी सफाई की गई। जहां तक नजर जाती है, वहीं तक नहर की खुदाई कर दी गई, जबकि आगे केवल घास-फूस हटाकर सफाई का भुगतान ले लिया गया। कई किलोमीटर तक बिना वास्तविक कार्य कराए ही कागजों में नहर को दुरुस्त दर्शा दिया गया।
बिसाई नहर की टेल तक गाद और झाड़ियों की सफाई न होने से पानी का बहाव बाधित हुआ और नहर उफनाकर आसपास के खेतों में घुस गई। इससे मिर्जापुर, बिसाई, पीरानगर और पकरियापुर गांवों के किसानों की गेहूं, सरसों और आलू की खड़ी फसल जलमग्न हो गई।
पीड़ित किसानों में रामप्रताप रावत, रामसेवक यादव, गुड्डू यादव, भरोसे, संजय, रामू, रामप्रवेश, प्रदीप यादव, रामस्वरूप, उदय रावत और रामचंद्र शामिल हैं। किसानों ने डीएम से नहर सफाई कार्य की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में नहर विभाग के अवर अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि फिलहाल नहर का पानी बंद करा दिया गया है। जहां-जहां सफाई शेष रह गई थी, वहां जेसीबी मशीन मंगाकर टेल तक नहर की सफाई कराई जा रही है।




