कानपुर (उत्तर प्रदेश)। कानपुर में 14 वर्षीय किशोरी के साथ स्कॉर्पियो वाहन में गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में एक पत्रकार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस का दरोगा फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब उसने अपनी शिकायत में दरोगा का नाम एप्लिकेशन के माध्यम से दर्ज कराया, तो पुलिस चौकी से उसे भगा दिया गया। बाद में काफी प्रयासों के बाद एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन शुरुआत में उसमें पॉक्सो एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ी गईं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
बताया जाता है कि मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में डीसीपी दिनेश चंद्र त्रिपाठी को पद से हटा दिया गया है, जबकि इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, जिस स्कॉर्पियो गाड़ी में वारदात को अंजाम दिया गया, वह फरार दरोगा की बताई जा रही है। मामले की जांच जारी है और आरोपी दरोगा की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
यह प्रकरण न केवल एक गंभीर आपराधिक घटना है, बल्कि पुलिस की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करता है।