बाराबंकी। बाराबंकी जनपद ने राजस्व वाद निस्तारण में प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पाँचवां स्थान प्राप्त किया है। सितंबर माह में जिले के राजस्व न्यायालयों ने कुल 8,909 मामलों का निस्तारण किया, जो शासन के सतत प्रयासों और चलाए जा रहे अभियान का सीधा परिणाम है।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्व वादों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण से न केवल शासन की प्राथमिकताएं पूरी हो रही हैं, बल्कि आम जनता को समय पर न्याय भी मिल रहा है। उन्होंने जिले के सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, राजस्व अधिकारी, कर्मचारी और जिला व तहसील स्तरीय बार पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
बाराबंकी की छहों तहसीलों ने इस माह निस्तारण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नवाबगंज तहसील ने सबसे अधिक 4,485 मामले निपटाए, जबकि फतेहपुर में 882, हैदरगढ़ में 1,246, सिरौलीगौसपुर में 590, रामसनेही घाट में 773 और रामनगर तहसील में 622 मामलों का निस्तारण किया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में राजस्व वादों के निस्तारण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत न्यायालयों ने अपनी कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी और गतिशील बनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि लंबित वादों के तेजी से निपटारे से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सद्भाव और आपसी मेलजोल को बढ़ावा मिला है।
विशेष रूप से, जिलाधिकारी के निर्देश एवं प्रयासों से 5 साल से अधिक समय से लंबित 2,635 वादों का निस्तारण किया गया है, जिससे अब केवल 828 मामले ही शेष बचे हैं। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करने और पांच साल से अधिक पुराने सभी राजस्व वादों को जल्द से जल्द शून्य करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप बाराबंकी को राजस्व न्यायालयों के क्षेत्र में आदर्श जिला बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।