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लखपेड़ाबाग के सरस्वती शिशु मंदिर की थी छात्रा
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बहन के साथ रहकर करती थी पढ़ाई, टिकैतनगर थाना क्षेत्र न्यामतगंज की रहने वाले थी
बाराबंकी। नगर के सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा 11 की छात्रा अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। आनन-फानन में स्कूल के अध्यापक छात्रा को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुचे परिजनों में चीखपुकार मच गई। बताया जाता है कि छात्रा पढ़ने में काफी अव्वल थी, और पिछले वर्ष आए हाईस्कूल के परीक्षा परिणाम टॉपर थी। मृतका टिकैतनगर क्षेत्र की रहने वाली थी, यहां अपने बहन व सहेली के साथ कमरा लेकर पढ़ाई करती थी।
टिकैतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम न्यामतगंज निवासी राजितरात की 16 वर्षीय पुत्री नंदिनी केशव नगर लखपेड़ाबाग में सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कालेज में कक्षा 11 की छात्रा थी। शुक्रवार को स्कूल पहुंची नंदिनी लंच के बाद छठवें पीरियड के समय कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान अचानक गिर कर बेहोश हो गई। जिससे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। स्कूल प्रशासन ने आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि नंदिनी सुबह तक पूरी तरह स्वस्थ थी और सामान्य रूप से पढ़ाई कर रही थी लेकिन क्लास में अचानक बेहोश होने के बाद उसकी मौत ने न सिर्फ स्कूल प्रशासन को बल्कि पूरे जिले वासियों को हैरानी में डाल दिया है। छात्रा की मौत की खबर फैलते ही स्कूल में शोक की लहर दौड़ गई। सहपाठी और शिक्षक स्तब्ध हैं। बताया जा रहा है कि नंदिनी की तबीयत बिगड़ने से पहले किसी भी तरह की अस्वस्थता या परेशानी की कोई जानकारी सामने नहीं आई थी। स्कूल प्रशासन और परिजन इस असामयिक घटना को लेकर पूरी तरह से हैरान हैं।
बताया जाता है कि छात्रा का बेहोश होकर गिरी छात्रा की नाक से खून और मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे चिकित्सक ब्रेन हेम्रेज की आशंका जता रहे हैं। वहीं कई लोग इसे साइलेंट अटैक मान रहे है। खैर शव को पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सकों ने भेज दिया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही कारणों की जानकारी हो पाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इनसेटः कुछ इसी प्रकार हुई थी सेंट एंथोनी की छात्र की मौतः देवा के लोहनिया गांव निवासी जीतेन्द्र प्रताप सिंह का पुत्र अखिल सेंट एंथोनी स्कूल, बाराबंकी में कक्षा सात का छात्र था। एक जुलाई को स्कूल सत्र के पहले दिन वैने से स्कूल गया था। जिसकी वैने से उतरने के बाद स्कूल के गेट पर अचानक तबियत खराब हो गई। परिजन जब तक बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचते उसकी मौत हो गई थी। अब सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा 11 की छात्रा की मौत ने फिर से सभी को हैरान कर दिया है।
इनसेटः अभिभावकों में डर पैदा कर रही घटनाएंः 20 दिन के अंदर इसी तरह की मौतों ने अभिभावकों के साथ स्कूल प्रशासन में डर का माहौल पैदा कर दिया है। क्या स्कूलों में स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन व्यवस्थाएं पर्याप्त हैं और क्या छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य की समय-समय पर जांच की कोई समुचित व्यवस्था होनी चाहिए!




