दस दिवसीय देवा मेले का फीता काट कर शुभारंभ करती जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की पत्नी श्रीमती शैलजा त्रिपाठी
बाराबंकी। प्रसिद्ध सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की नगरी देवा में बुधवार को शेख मोहम्मद हसन गेट पर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की धर्मपत्नी शैलजा त्रिपाठी ने फीता काटकर दस दिवसीय देवा मेले का औपचारिक शुभारंभ किया। शहनाइयों की मधुर ध्वनि, पीएसी बैंड की धुन और इंद्रधनुषी आतिशबाजी के बीच मेला परिसर उत्सवमय हो उठा।
मेले के उद्घाटन के बाद शैलजा त्रिपाठी ने मेला क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान दुकानदार एसोसिएशन की ओर से लंबू भाई ने उन्हें बुके भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि “देवा मेले से निकलने वाला सद्भाव और भाईचारे का संदेश विश्व पटल पर एकता की मिसाल पेश करता है।”
देवा मेला सूफी संत सैय्यद हाजी वारिस अली शाह के वालिद सैय्यद कुर्बान अली शाह की दरगाह पर प्रति वर्ष आयोजित किया जाता है। इस मेले की ऐतिहासिक और धार्मिक दोनों ही दृष्टि से बड़ी महत्ता है।
मेले की शुरुआत के साथ ही सांस्कृतिक पंडाल में रंगारंग कार्यक्रमों की भी शुरुआत हो गई। देश-विदेश से आए जायरीन दरगाह की जियारत करने पहुंचे हैं। लगभग पांच किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस मेले में खरीदारी के लिए दुकानों पर रौनक बढ़ गई है, वहीं पशु बाजार में भी अच्छी नस्लों के जानवरों की खरीद-फरोख्त शुरू हो गई है। बुधवार से ही सूफी संत की दरगाह समेत अन्य दरगाहों पर भी उर्स के कार्यक्रम प्रारंभ हो गए हैं।
इस अवसर पर डीएम शशांक त्रिपाठी, एसपी अर्पित विजयवर्गीय, एडीएम अरुण कुमार सिंह, मेला समिति सदस्य फवाद किदवई, राय स्वरेश्वर बली, रानी मृणालिनी सिंह, संदीप सिन्हा, महबुबुर्रह्मान किदवई, चौधरी अशीरुद्दीन अशरफ, शहजादे आलम वारसी, इक्तिदार अहमद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।