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प्रयोगशाला की जांच में बड़ा खुलासा, दर्ज होगा मुकदमा
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अलेगरा-120 की नकली खेप का लखनऊ कनेक्शन भी उजागर
बाराबंकी। जिले में मरीजों को दी जा रही एक लोकप्रिय एंटीबायोटिक दवा अलजेक्लेव-625 अब गंभीर संदेह के घेरे में आ गई है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा से आई जांच रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को झकझोर कर रख दिया है। रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि इस दवा में उसका मुख्य तत्व एमॉक्सीलिन की मात्रा शून्य है जो कि संक्रमण रोकने के लिए जरूरी होता है।
ड्रग इंस्पेक्टर रजिया बानों के अनुसार, यह सैंपल दरियाबाद के मिम्पी फार्मेसी से लिया गया था और इसे प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच में खुलासा हुआ कि पह दवा सिर्फ नाम की एंटीबायोटिक है अंदर कोई प्रभावी औषधीय कटेंट मौजूद नहीं है।
निर्माता कंपनी पर दर्ज होगा मुकदमाः जांच रिपोर्ट के आधार पर अब दवा निर्माता कंपनी असेटेल फार्माक्यूटिकल भगवानपुर डेटबसी, पंजाब और स्थानीय विक्रेता के खिलाफ अभियोग दर्ज कर मुकदमा बलाया जाएगा।
अलेगरा-120 की निकली नकली खेत, कसा गया शिंकजाः बाराबंकी में नकली दवाओं के खेल का यह अकेला मामला नहीं है। पिछले सप्ताह नगर की दवा मंडी स्थित विशाल इंटरप्राइजेज में छापेमारी के दौरान एंटी-एलर्जी दवा अलेगरा-120 की नकली खेप भी पकड़ी गई। खास बात यह है कि इसके बैच नंबर 5NGW-009 o 5NGW-001 पहले ही आगरा में नकली घोषित किए जा चुके हैं।
स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा, रहे सतर्कः अलजेक्लेव-625 और अलेगरा-120 दोनों ही आम बीमारियों के इलाज में प्रचलित दवाएं हैं। इनमें इस तरह की मिलावट या नकली दवाओं की बिक्री सीधे तौर पर हजारों मरीजों की जान से खिलवाड़ है। स्वास्थ्य विभाग ने चेताया है कि इस मामले में और भी छापेमारियां की जाएंगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पूछताछ में विशाल इंटरप्राइजेज ने जिन फर्मों की रसीदें पेश की हैं, वे लखनऊ की है. जिससे साफ हो गया है कि नकली दवाओं की चेन लखनऊ तक फैली हुई है। इन रसीदों को अब लखनऊ के ड्रग इंस्पेक्टर को भेजा गया है और वहां से जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित फार्मों के खिलाफ भी अभियोग दर्ज किया जाएगा।
रजिया बानों, ड्रग इंस्पेक्टर, बाराबंकी



