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मुख्य अतिथि स्वामी चेतनानंद महाराज ने किया संबोधित
बाराबंकी। नगर के दशहराबाग बस्ती में रविवार को हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता की और हिंदू समाज की एकता, संस्कृति व राष्ट्रभक्ति से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि स्वामी चेतनानंद महाराज ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में पूरे देश में हिंदू सम्मेलनों का आयोजन कर रहा है। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज में एकता को सुदृढ़ करना, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इन सम्मेलनों के माध्यम से सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जा रही है, साथ ही युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी क्रम में साध्वी श्रद्धा चैतन्य ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में सनातन धर्म का पालन करने का अर्थ है अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाना और हर निर्णय सोच-समझकर लेना। उन्होंने कहा कि ईश्वर की आराधना और प्रार्थना से मनुष्य आत्मचिंतन करता है और सही मार्ग पर आगे बढ़ता है।
मुख्य वक्ता डॉ. आर. एस. गुप्त ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में बड़े स्तर पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें लाखों लोगों की भागीदारी देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि इन सम्मेलनों का उद्देश्य जाति और भाषाई विभाजनों को समाप्त कर एक संगठित और सशक्त हिंदू समाज का निर्माण करना है। उन्होंने ‘पंच परिवर्तन’सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भाव और नागरिक कर्तव्य पर विशेष रूप से जोर दिया।




