पुत्र ने प्रताड़ना और सामाजिक छवि धूमिल होने के कारण जान देने का लगाया आरोप
सफदरगंज क्षेत्र में घर से कूछ दूरी पर पेड़ लटका मिला शव
बाराबंकी। द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थिफ्ट कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (एलयूसीसी) में गोंडा की करनैलगंज शाखा के प्रबंधक का शव शनिवार की सुबह एक पेड़ में फांसी के फंदे से लटका पाया गया। एलयूसीसी संबंधित सात मुकदमे प्रबंधक पर दर्ज थे। जिसमें शुक्रवार को कोर्ट पर पेशी के लिए आया था। इन्ही मुकदमों में आरोपी पिछले नवंबर माह में जेल भेज जा चुका था।
सफदरगंज थाना के ग्राम भवानीपुर मजरे केवलापुर निवासी 56 वर्षीय स्वामी दयाल मिश्रा 2015 में एलयूसीसी से जुड़े थे। शनिवार सुबह वह घर से शौच के लिए निकले, जिसके बाद उनका शव घर से करीब सौ मीटर दूर एक पेड़ पर फंदे से लटका पाया गया। घटना के समय उनके दो पुत्र अखिलेश आलोक लखनऊ में थे। बड़े पुत्र अखिलेश ने बताया कि एलयूसीसी में फंसने के बाद उनकी सामाजिक छवि बहुत धूमिल हो गई थी। जिससे वह बहुत दुखी थे और आए दिन इसको लेकर कहते थे कि समाज में क्या मुंह दिखाऊं। इसी कष्ट के चलते उन्होंने फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। सफदरगंज थाना प्रभारी अमर कुमार चौरसिया ने बताया कि मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है न ही परिवारजन ने कोई आरोप लगाया है। उन पर बदोसराय सहित दो थानों में कुल सात मुकदमों होने की बात कही जा रही है।
ढाई माह रहे जेल मेंः स्वामी दयाल पर सीधा कोई मुकदमा नहीं लिखा गया था। बदोसराय में लिखे गए मुकदमा में उनका नाम प्रकाश में लाकर आरोपित बनाया गया था। बदोसराय पुलिस ने 28 नवंबर 2024 को उन्हें जेल भेजा था, जो 27 जनवरी 2025 को जेल से जमानत पर बाहर आए थे।
खुद के भी लगे थे 17 लाखः मृतक के बड़े दप अखिलेश के अनुसार एलयूसीसी में खुद उसने पिता ने करीब 17 लाख रुपये स्वयं निवेश कर रखे थे। जबकि कंपनी में पद मिलने के बाद निवेशकों से 30 लाख से अधिक का निवेश कराया था। उनके साथ दोनों भाई भी कंपनी से जुड़े थे, लेकिन उन पर मुकदमा नहीं है। चुंकि वह सामाजिक व्यक्ति थे और लोग उन्हें भलीभांति जानते थे, इसलिए कभी किसी ने उनसे तकादा नहीं किया। जेल जाने से हुई सामाजिक क्षति से काफी परेशान रहते थे, इसी कारण उन्होंने जान दे दी।
मुख्य आरोपितों को संरक्षण का आरोपः मृतक के छोटे पुत्र आलोक ने मीडिया को बताया कि शासन प्रशासन मुख्य व बड़े आरोपितों पर कोई कार्रवाई न करके उनको संरक्षण दिया जा रहा है। जब तक उन पर कार्रवाई नहीं होगी, यूं ही बेगुनाह लोग जान देते रहेंगे। उन्होंने पुलिस की प्रताड़ना के चलते पिता के जान देने का आरोप भी लगाया है।
गोंडा-बहराइच से भी पहुंचे एजेंटः एलयूसीसीस एजेंट स्वामी दयाल की आत्महत्या की सूचना पर गोंडा, बहराइच सहित जिले से लगभग डेढ़ सौ एजेंट पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यहां पहुंचे लोगों ने बताया कि पुलिस उनका प्रताड़ित करती है, जबकि कंपनी के मुखिया तक पुलिस नही पहुंच पा रही है।
गैंगस्टर की भी थी सूचनाः चर्चा यह भी है कि स्वामी दयाल पर गैंगस्टर की कर्रवाई हो रही थी, इसी क्रम में कुछ दिन पहले लेखपाल उनकी चल-अचल संपत्ति का पता करने आए थे। इससे भी वह बहुत परेशान थे। हालांकि इसकी किसी ने कोई पुष्टि नहीं की है।
निवेशक मां रहे थे पैसेः पुत्र आलोक ने बताया कि तमाम निवेशक पिता से निवेश कराए गए अपने पैसों के वापसी का दबाव बना रहे थे। जिससे उनके पिता ज्यादा परेशान थे।