महिलाओं को प्रेरित कर लगवाएंगी सूक्ष्म उद्योग यूनिट, रोजगार से जुड़कर सशक्त बनेंगी महिलाएं
बाराबंकी। जिले में 298 सूक्ष्म उद्यमी सखियां नियुक्त की जाएगी, जिन्हें राष्ट्रीय आजीविका मिशन की ओर से मानदेय दिया जायेगा। यह सखियां महिलाओं को सूक्ष्म उद्योग के लिए प्रेरित करेंगी, और अधिक से अधिक यूनिटों को स्थापना कराने की जिम्मेदारी रहेगी। जिससे बनने वाले रोजगार में महिलाओं को जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाएंगी। इससे पहले बैंक, सोलर व विद्युत विभाग में सखियों की नियुक्ति की गई थी।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सूक्ष्म उद्यम सखी रखी जाएंगी। यह ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे उद्यम स्थापित कराएंगी। इसके साथ ही यूनिट स्थापित करने के लिए युवाओं को महिलाएं जागरूक करेंगी। बैंक से समन्वय स्थापित कर उद्यम स्थापित कराने में मदद करेंगी, ताकि स्वयं सहायता समूह की महिला आत्मनिर्भर बन सकें। उपायुक्त बीके मोहन ने बताया कि उद्यम सखी रखने के लिए महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य होनी चाहिए, आयु 18 से 45 वर्ष के बीच हो। आवेदिका कम से कम कक्षा 12 उत्तीर्ण होनी चाहिए। सामान्य अंकगणित का ज्ञान होना चाहिए। महिला को समुदाय के साथ संवाद स्थापित करने में सक्षम हो। 2800 प्रतिमाह दिया जाएगा। आवेदन पत्र ब्लाक पर ही मिल जाएंगे।
उपायुक्त ने बताया कि सूक्ष्म उद्यम सखी योजना लागू की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने एवं उन्हें उद्यमिता से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। यह योजना महिलाओं को व्यावसायिक ज्ञान के साथ ही ऋण सहायता और बाजार की समझ प्रदान करेगी। सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। उद्यम सखियां न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार से के अवसर उपलब्ध कराएंगी। यह योजना महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में सहयोग करेगी।
दो लाख महिलाएं बनेंगी लखपती: जिले में 19 हजार 907 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं, जिनमें लगभग दो लाख महिलाएं जुड़ी हैं। इन्हीं महिलाओं में से उद्यम सखी का चयन होना है। लखपति दीदी बनाने की ओर सरकार काम कर रही है। जिले में 60 संकुल स्तरीय संघ हैं। ग्राम संगठनों की संख्या 1462 है। 298 सूक्ष्म उद्यम सखी रखी जाएंगी। अब तक तीन हजार से अधिक महिलाओं को मुद्रा योजना से जोड़ा गया है। डेढ़ सौ से अधिक महिलाएं कोटेदार हैं। बैंक, सोलर, विद्युत सखियों को नौकरी मिली। करीब 1500 से अधिक महिलाओं को मनरेगा में मेट बनाकर रोजगार से जोड़ा गया। सैकड़ों महिलाएं पारिजात ब्यूटी पार्लर, प्रेरणा शाप, आरओ प्लांट, बकरी पालन, सिलाई-कढ़ाई यूनिटें स्थापित कर काम कर रही हैं। कंपनियां स्थापित कर बच्चों के लिए पोषाहार भी तैयार कर रही हैं।
यहां रहीं जायेंगी सखियांः उपायुक्त ने बताया कि विकास खंड बनीकोडर में 23, बंकी में 17, दरियाबाद 14, देवा 22, फतेहपुर 18, हैदरगढ़ 16, हरख 21, मसौली 18, निंदूरा 19, रामनगर 19 महिलाएं रखी जाएंगी। पूरेडलई में 17, सिद्धौर में 27, सिरौलीगौसपुर 17, सूरतगंज 33 और त्रिवेदीगंज में 17 सूक्ष्म उद्यम सखी रखी जाएंगी। महिलाओं के चयन के लिए आवेदन लिया जा रहे हैं।