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अधिवक्ताओं ने पुलिस को दिया था 48 घंटे में घटना के राजफाश का अल्टीमेटम
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बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में एसपी से मिला प्रतिनिधि मंडल
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एसपी से आश्वासन मिलने के बाद वापस लौटे अधिवक्ता
बाराबंकी। कानून व्यवस्था को चुनौती देते दिनदहाड़े सरेराह हुई अधिवक्ता शुऐब किदवाई उर्फ बॉबी की हत्या के 48 घंटे बाद भी हत्यारों का सुराग पुलिस नहीं लगा सकी। जिससे नाराज अधिवक्ताओं ने सोमवार दोपहर बाद एसपी कार्यालय का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेन्द्र वर्मा की अगुवाई में अधिवक्ताओं का एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने एसपी अर्पित विजय वर्गीय से वार्ता की। एसपी ने भारी संख्या में प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं से भी वार्ता की और जल्द ही हत्यारों पकड़े जाने का आश्वासन दिलाया। जिसके बाद अधिवक्ता प्रदर्शन समाप्त कर वापस लौट गए।
अधिवक्ताओं ने दिया था 48 घंटे का अल्टीमेटम: गत 13 फरवरी को अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर असेनी मोड़ पर बाराबंकी सर्विस लेन पर कार सवार बदमाशों ने लखनऊ से बाराबंकी कचहरी आ रहे कार सवार शुऐब किदवाई उर्फ बाबी की सरेराह गोलियों की बौछार कर हत्या कर दी थी। जिसके बाद से नाराज अधिवक्ताओं ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंच कर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस को 40 घंटे में हत्यारों का पता लगा कर गिरफ्तारी करने का अल्टीमेटम दिया था।
अब तक गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित हुए अधिवक्ता: 48 घंटे में गिरफ्तारी न होने पर अधिवक्ताओं ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन करने की चेतावनी भी पुलिस को दी थी। लेकिन 48 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी बाबी के हत्यारों का कोई सुराग पुलिस नहीं लगा सकी, जिससे अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। सोमवार की दोपहर सैकड़ों की संख्या में नाराज अधिवक्ता जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में कचहरी के मुख्य गेट से निकले और नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय पहुंच गए। यहां अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मृतक बाबी के हत्यारों का शीघ्र पता लगा कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
पुलिस से हुई झड़प: एसपी कार्यालय के बाहर भारी संख्या में प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं की पुलिस से झड़प भी हुई। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ विकास चंद्र त्रिपाठी ने अधिक्ताओं का समझाने का प्रयास किया और उन्हें मृतक बॉबी का बैकग्राउंड याद दिलाया, साथ ही सभी से संयम बरतने की भी अपील की।
एसपी से मिला अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल: अधिवक्ताओं की ओर से जिला अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता नरेन्द्र वर्मा, पूर्व बार जिला अध्यक्ष बृजेश दीक्षित, जगत बहादुर सिंह, पूर्व महामंत्री रितेश मिश्रा एवं वरिष्ठ अधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता रमन लाल द्विवेदी ने एसपी से वार्ता की। वार्ता कर लौटे प्रतिनिधि मंडल ने अधिवक्ताओं को बताया कि एसपी की ओर से घटना का जल्द ही राजफाश करने का आश्वासन दिया गया है, उन्होंने पांच टीमें गठित कर अलग-अलग जिले में भेज दी हैं। सभी मामलों में गहनता से पुलिस जांच कर रही है।

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं से एसपी ने की वार्ता: अधिवक्ताओं की प्रतिनिधि मंडल से मिलने के बाद एसपी अर्पित विजय वर्गीय ने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं से वार्ता की। एसपी ने बताया कि अधिवक्ताओं की जो भी मांग है, उसे ऊपर तक पहुंचा दिया गया है। हत्या की घटना का अनावरण करने के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं, जो अलग-अलग जिले में जांच कर रही है। घटना के राजफाश के लिए अधिवक्ताओं के भी सहयोग की हमें आवश्यकता है, जांच चल रही है, सभी को थोड़ा संयम बरतने की जरूरत हैं। हम अल्प समय में ही घटना के राजफाश करने की कोशिश कर रहे हैं। एसपी की ओर से आश्वासन मिलने के बाद नाराज अधिवक्ता प्रदर्शन खत्म कर वापस कचहरी लौट गए।
भारी संख्या में पहुंची कई थानों की पुलिस: दोपहर में अधिवक्ताओं की ओर से प्रदर्शन की जाने की सूचना पर सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत कचहरी और लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर पटेल तिराहा के पास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। कोतवाली नगर, देवा, फतेहपुर, सतरिख, जैदपुर, मसौली सहित कई थानों की पुलिस तैनात रही। पटेल तिराहे पर अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी, सीओ सिटी संगम कुमार, सीओ यातायात आलोक पाठक, नगर कोतवाली सुधीर सिंह, देवा प्रभारी अजय कुमार त्रिपाठी सहित कई थानों के प्रभारी भी मौजूद रहे।




