बाराबंकी। एक पिता ने अपनी बेटी लिए जब सजना चुना तो युवती अपने आगे की जिंदगी को पंख देने के लिए सपने देखने लगी। बारात घर पहुंची, द्वारचार, जयमाला के साथ सात फेरे भी हो गए। सुबह दुल्हन की विदाई होनी थी, लेकिन इसी दौरान एक ऐसी घटना घटी जिसने दुल्हन और उसके माता-पिता को हिला कर रख दिया। युवती के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई, उसके सपने तार-तार हो गए। दरअसल जिस युवक से शादी हुई थी उसे किन्नर बताया गया। इसका खुलासा शादी की सुबह नेक मांगने पहुंचे स्वयं किन्नरों की टोली ने किया। जिसके बाद बारातियों और जनातियों में सन्नाटा पसर गया, जो जहां जैसे था सुनकर अवाक रह गया।
यह मामला कोठी थाना क्षेत्र में रहने वाले युवक का है, जो रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती को दुल्हन के रूप में विदा कराने गया था।
पीड़ित पिता के अनुसार उनकी बेटी का विवाह लगभग छह माह पूर्व रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक के साथ तय हुआ था। दो माह पहले वरीक्षा और दिखाई की रस्में संपन्न हुई थीं। 13 फरवरी को तय कार्यक्रम के अनुसार बारात पहुंची और द्वारचार, जयमाल व सात फेरे की रस्में संपन्न हुईं।
आरोप है कि शनिवार सुबह कुछ किन्नर विवाह स्थल पर नेग मांगने पहुंचे। दूल्हे को देखते ही उन्होंने उसे अपने समुदाय का सदस्य बताया और दावा किया कि वह पहले उनकी टोली के साथ ढोलक बजाने का काम कर चुका है। यह सुनते ही अधिकांश बाराती और दूल्हे पक्ष के लोग मौके से चले गए।
लड़की पक्ष ने दूल्हे की मां और मामा को रोक लिया। बाद में गांव के प्रधान व अन्य सम्मानित लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया। कोठी थाना के इंस्पेक्टर अमित सिंह भदौरिया ने बताया कि इस मामले में थाने पर कोई तहरीर नहीं दी गई है।