बाराबंकी। नगरीय निकायों में शासन की ओर से करीब पांच माह पहले नामित किए गए सभासद पहली बोर्ड की सामान्य सभा की बैठक से ही वंचित हैं। आरोप है कि नगर पालिका परिषद नवाबगंज समेत ज्यादातर निकायों में विपक्षी दल सपा के अध्यक्ष होने के कारण नामित सभासदों की मौजूदगी में बैठकें नहीं बुलाई जा रही हैं। इससे शासन की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
नगर पालिका और नगर पंचायतों के बाइलॉज के अनुसार अध्यक्ष को हर माह बोर्ड बैठक बुलानी होती है। इसमें पेयजल, सड़क, प्रकाश, जलनिकासी और निर्माण कार्यों समेत विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जानी है। इसके बावजूद कई निकायों में महीनों से बैठक नहीं हुई।
नवाबगंज में शपथ के बाद भी नहीं हुई बैठक
नगर पालिका परिषद नवाबगंज में शासन ने 15 मार्च को पांच सभासद नामित किए थे। 31 मार्च को बोर्ड बैठक हुई, लेकिन शपथ न होने का हवाला देकर उन्हें बैठक से अलग रखा गया। 10 अप्रैल को नामित सभासदों को शपथ दिलाई गई। इसके बाद से अब तक बोर्ड की कोई बैठक नहीं हुई। नामित सभासद चंद्राहास वर्मा, मनोज कुरील और अभिषेक गुप्ता का आरोप है कि अध्यक्ष और ईओ की मिलीभगत से करोड़ों रुपये के टेंडर जारी किए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी जा रही।
जैदपुर और फतेहपुर में भी यही स्थिति
नगर पंचायत जैदपुर के नामित सभासद उमाकांत के मुताबिक अध्यक्ष नीलोफर की ओर से अब तक बोर्ड बैठक नहीं बुलाई गई। अप्रैल में ईओ ने बुलाकर सादे कागज पर हस्ताक्षर कराए, लेकिन उनके बताए जरूरी कार्यों पर कार्रवाई नहीं हुई। वहीं फतेहपुर के नामित सभासद रितेश जैन ने बताया कि अप्रैल में बैठक के नाम पर पहले ही एजेंडा भेजा गया, लेकिन बैठक नहीं हुई। उनसे केवल जरूरी कार्य लिखकर देने को कहा गया।
कई निकायों में बैठक नहीं
बंकी, बेलहरा, दरियाबाद, जैदपुर और सतरिख में भी नामित सभासदों के मुताबिक बोर्ड बैठक नहीं बुलाई गई है। देवा, रामसनेहीघाट और हैदरगढ़ में निर्दलीय अध्यक्ष हैं।
अधिकारी बोले, होगी समीक्षा
एडीएम वित्त एवं राजस्व/नोडल अधिकारी स्थानीय निकाय निरंकार सिंह ने कहा कि नगरीय निकायों में हर माह बोर्ड बैठक बुलाने का नियम है। बैठकें क्यों नहीं हो रही हैं, इसकी समीक्षा कर बैठक बुलाने के निर्देश दिए जाएंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष रामसिंह वर्मा भुल्लन ने कहा कि नामित सभासदों को बोर्ड बैठक से वंचित रखने का मामला डीएम के समक्ष रखा जाएगा।