अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने सरकारी धन हड़पने की जताई आशंका
विभाग ने नोटिस जारी कर शुरू की रिकवरी की तैयारी
बाराबंकी। रोजगार करने के नाम पर लाखों रूपए का लोन लेकर जमा न करने वाले अल्पसंख्यकों के खिलाफ अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय से कार्यवाही शुरू कर दी गई है। विभाग ने लोन जमा न करने वाले 10 बड़े बकायेदारों को चिन्हित कर सूची जारी कर दी है। जबकि तीन सैकड़ा लोगों को रिकवरी के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। बकाया लोन की अदायगी न करने पर विभाग संपत्तियों की नीलामी भी कर सकता है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बीके द्विवेदी ने बताया कि जिले में टर्म लोन ऋण योजना के अंतर्गत अल्पसंख्यक वर्ग मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन एवं पारसी संप्रदाय के बेरोजगार युवक एवं युवतियों के लिए न्यूनतम रुपये एक लाख व अधिकतम 20 लाख रुपये तक की परियोजनाओं एग्रीकल्चर एंड एलाइड टेक्निकल ट्रेडस, स्माल बिजनेस आर्टिजन एवं ट्रांसपोर्ट एंड सर्विस सेक्टर के लिए ऋण दिया गया था। जिसमें से अधिकांश लोगों ने लोगों ने लोन लेकर पैसा जमा नहीं कराया। विभाग ने आशंका जताई है कि सरकारी धन गबन करने के फिराक में लोग पैसे की अदायगी नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1995 से 2021 तक जरूरतमंद व्यक्तियों को पांच करोड़ नौ लाख 81 हजार 313 रुपये ऋण वितरित किया गया था। निर्धारित किस्तों में पैसा वापस करना था, लेकिन 26 वर्षों में रोजगार के नाम पर ली गई धनराशि को वापस नहीं किया गया। ऐसे लाभार्थियों को समय-समय पर कार्यालय से नोटिस जारी करते हुए ऋण की किस्त जमा करने के निर्देश दिए गए, लेकिन अधिकांश लाभार्थियों ने ऋण की बकाया धनराशि जमा नहीं की।
10 बड़े बकायेदार हुए सार्वजनिक: जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने सबसे बड़े 10 बकायेदारों की सूची सार्वजनिक कर दी गई है। ऐसे लोगों पर ही मात्र एक करोड़ से 15 लाख से अधिक का बकाया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के अनुसार बड़े बकायेदारों की सूची सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही नए और पुराने ऐसे बकायेदारों से आरसी जारी कर भू-राजस्व की भांति वसूली कराई जाएगी जो लोन लेकर किश्तें की अदायगी नहीं कर रहे हैं।