प्रधानमंत्री की प्रेरणा से उदाहरण बना पौध रोपण-राज्यपाल
मुख्य कार्यक्रम स्थल पर आयोजित समारोह को राज्यपाल ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” केवल वृक्षारोपण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मातृ सम्मान का एक राष्ट्रीय संदेश है। हमारे पूर्वजों के लगाए गए वृक्ष आज भी हमारे लिए जीवनदायिनी छाया और वायु प्रदान कर रहे हैं। इसी प्रकार हम सबकी जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और स्वच्छ वातावरण छोड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से यह अभियान देशभर में एक उदाहरण बनकर उभरा है। उन्होंने विशेष रूप से गाड़ियों की जगह साइकिल के प्रयोग को अपनाने, अनावश्यक प्रदूषण से बचने, जल और वायु संरक्षण की आदतों को अपनाने और पौधों की नियमित देखभाल की आवश्यकता पर बल दिया। महामहिम ने रोपित पौधों के संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि यह महत्त्वपूर्ण है कि मानसून के बाद इनकी नियमित देखभाल हो। जिले में सामाजिक सहभागिता की दो विशिष्ट पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के समग्र विकास हेतु 50 केंद्रों को खेल किट प्रदान की गई हैं, जो एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिले की औद्योगिक इकाइयों को प्रेरित कर शेष केंद्रों में भी इस प्रकार की सामग्री उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी बताया कि क्षयरोगियों (टीबी मरीजों) को 101 पोषण पोटलियाँ वितरित की गई हैं, जो निःस्वार्थ सेवा की मिसाल है। भारत में सबसे अधिक टीबी मरीज उत्तर प्रदेश में हैं और वर्ष 2025 तक देश को टी0बी0 मुक्त करने के लिए इस प्रकार की पहलें अत्यंत आवश्यक हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने में ‘‘एक पेड़ मॉ के नाम’’ थीम वृक्षारोपण हेतु बनायी गयी लघु फिल्म को लॉच किया गया। राज्यपाल ने इस मौके पर 05 आंगनबाड़ी किट, 05 पोषण पोटली, 05 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र एवं 05 ग्रीन गोल्ड प्रमाण पत्र प्रदान किया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने भी राज्यपाल को धन्यवाद ज्ञापित किया।
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