‘जन अपेक्षाओं पर खरा उतरना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता’
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अयोध्या और देवीपाटन मंडल के जनप्रतिनिधियों तथा लोक निर्माण, पर्यटन और संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य था – जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए, विकास कार्यों की गति, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार केवल योजनाएं बनाकर रुकती नहीं है, बल्कि उनका जमीनी क्रियान्वयन और जनता को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाना उसकी प्राथमिकता है। इसके लिए शासन और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर संवाद और समन्वय को बेहद आवश्यक बताया।
🏛️ संपूर्ण विकास के लिए योजनाबद्ध रणनीति
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंचायतों से लेकर नगर निकायों और विधानसभा स्तर तक एक समन्वित, संवादपूर्ण और संरचना आधारित कार्य संस्कृति को अपनाना होगा।
उन्होंने सीएम ग्रिड योजना और नगर निकायों को दी जा रही अतिरिक्त धनराशि का प्रभावी और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
🏞️ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संतुलित विकास
योगी आदित्यनाथ ने निर्देशित किया कि ग्रामीण अंचलों में पेयजल, जलनिकासी और सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने विशेष रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान देने की बात कही जो अब शहरी क्षेत्र में शामिल किए जा चुके हैं। इन स्थानों को नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने और ग्रामीण पहचान को बनाए रखने के बीच संतुलन आवश्यक है।
🚧 सड़क और अवसंरचना विकास पर विशेष जोर
जिला मुख्यालयों को फोर लेन तथा ब्लॉक मुख्यालयों को कम से कम दो लेन सड़कों से जोड़ने का कार्य तेजी से पूरा किया जाए। सड़क सुरक्षा को लेकर ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और सुधार अनिवार्य है। राज्य सरकार ने सड़कों की चौड़ाई 3.5 मीटर से बढ़ाकर 5 मीटर करने का निर्णय लिया है, जिससे यातायात बेहतर होगा और आपातकालीन सेवाएं अधिक सुगम हो सकेंगी।
🏕️ हर विधानसभा क्षेत्र में विकसित हों पर्यटन स्थल
पर्यटन एवं संस्कृति विभाग को निर्देश दिया गया कि हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक पर्यटन स्थल चिन्हित किया जाए, जहां सौंदर्यीकरण और जनसुविधाओं का विकास हो। इससे स्थानीय पर्यटन को बल मिलेगा और ग्रामीण युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
🛤️ ‘प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना’ से जोड़ा जाएगा सेतुओं का निर्माण
सेतु निर्माण जैसी अवसंरचनात्मक परियोजनाओं को प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना से जोड़ा जाएगा, जिससे वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग और परियोजनाओं का समन्वित क्रियान्वयन संभव हो सकेगा।
🤝 जनप्रतिनिधियों की भागीदारी को मिले प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि:
जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को योजनाओं में प्राथमिकता से शामिल किया जाए।
जो योजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, उनकी टेंडर प्रक्रिया तुरंत पूरी की जाए।
मानसून के बाद भूमि पूजन जैसे कार्य जनप्रतिनिधियों के हाथों कराए जाएं, जिससे जनसहभागिता और उत्तरदायित्व की भावना मजबूत हो।
🌊 आपदा प्रभावित क्षेत्रों को मिले विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने हाल ही में बाढ़/आपदा प्रभावित क्षेत्रों का विशेष उल्लेख करते हुए वहां इंफ्रास्ट्रक्चर के पुनर्निर्माण को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण रूप में पूरा करने के निर्देश दिए।
🏛️ प्रशासनिक संस्कृति में लाया जाए संवाद और पारदर्शिता
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बैठक केवल एक औपचारिक समीक्षा नहीं, बल्कि प्रशासन की नई कार्य संस्कृति का प्रतीक है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस संवाद मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जाए, ताकि “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” का मंत्र हर योजना और कार्य में परिलक्षित हो।



