गोपालपुर गांव में कमरे के अंदर मिले पति-पति के शव के बाद घटना स्थल पर मौजूद ग्रामीण
रविवार की सुबह बंद कमरे में मिले पति-पत्नी के शव, रो रहा था बच्चा
पत्नी से विवाद के कारण शनिवार को पुलिस ले गई थी थाने
कमरे में बंद मासूम से ग्रामीणों ने खुलावाया दरवाजा
मृतक राजू सोने का फाइल फोटो
बाराबंकी। शनिवार की सुबह पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद पर ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस पति को देवा कोतवाली उठा लाई। जिसके बाद देवा पुलिस ने पति का शांति भंग में चालान कर दिया। आरोपी युवक जमानत पर उप जिला मजिस्ट्रेट की कोर्ट से घर वापस आया। रविवार की सुबह पति-पत्नी के शव संदिग्ध हालत कमरे के अंदर मिले। दोनों के शव फंदे से लटके थे। इनके चार वर्षीय पुत्र की कमरे के अंदर से रोने की आवाज पर ग्रामीणों ने घटना की जानकारी हुई। ग्रामीणों सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कों पड़ताल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
देवा कोतवाली के गोपालपुर निवासी 28 वर्षीय राजू अपनी पत्नी मुन्नी देवी, चार वर्षीय पुत्र राज और मां राम प्यारी के साथ रहते थे। राजू राज मिस्त्री थी, बताया जाता है कि पति पत्नी में आए दिन कलह के चलते विवाद होता रहता था। 26 जुलाई की सुबह भी पति-पत्नी में काफी झगड़ा हुआ। आवाजे सुनकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस पहुंची तो राजू को पकड़कर देवा कोतवाली पुलिस के सिपुर्द कर दिया। जहां राजू का शांतिभंग के तहत चालान कर दिया गया। एसडीएम कोर्ट से देवा के मलूकपुर निवासी साला सुरेश ने जीजा राजू को जमानत पर छुड़ाया। वापस घर पहुुंच कर देर रात राजू उसकी पत्नी व पुत्र अपने कमरे में सोने चले गए। रविवार सुबह देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने और अंदर से राज के रोने की आवाज सुनकर मां राम प्यारी पहुंची, लेकिन दरवाजा न खुलने पर अनहोनी की आशंका पर पास-पड़ोस के लोगों को बुलाया। ग्रामीणों ने रो रहे बच्चे को समझाते हुए उसी से किसी प्रकार दरवाजा खुलवाया तो अंदर का नाजारा देखकर सभी दंग रह गए। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार मुन्नी देवी का शव फंदे के सहारे जमीन पर रखा हुआ था जबकि राजू का शव गमछे के फंदे से लटक रहा था। लोग चर्चा कर रहे हैं कि पत्नी की हत्या के बाद राजू ने जान दी है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया और मृतक की मां से पूछताछ कर थाने ले गई। ग्रामीणों में चर्चा है कि राजू ने पत्नी की हत्या कर खुद आत्महत्या कर ली।
अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा। फिलहाल मृतका के पक्ष से भी कोई आरोप प्रत्यारोप नहीं है। छोटे बच्चे से जानकारी का प्रयास किया जा रहा है। एसएचओ देवा अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मृतका के परिवारजन के कहने पर राम प्यारी को छोड़ दिया गया है।
फांसी लगाने से भाई की हो चुकी मौतः मृतक राजू के भाई मोहित ने भी पांच साल पहले घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। जिसे मानसिक मंदित बताया गया था। पूरे गांव में यह चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं दोनों पुत्र व बहू की मौत के बाद अब रामप्यारी अपने पौत्र के साथ अकेली रह गई है।